जागरण संवाददाता, अमृतसर

देश की 18 राजनीतिक पार्टियों की ओर से पेट्रोल व डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ 10 सितंबर के भारत बंद को सफल बनाने का माकपा , भाकपा माले और भाकपा ने समर्थन किया है। वाम पार्टियां इस बंद को सफल बनाने के लिए शहर में रोष मार्च निकालेंगी। इस दौरान लोगों को खुद ही रोष में अपने करोबार बंद रखने की अपील की जाएगी। प्रदर्शनकारी वामपंथी वर्कर रोष मार्च के बाद हाल गेट के बाहर केंद्र सरकार का पुतला फूंकेंगे। आंदोलन को सफल बनाने के लिए दोनों वामपंथी पार्टियों के नेताओं ने रविवार को संयुक्त बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान वर्करों की अलग-अलग ड्यूटियां भी लगाई गई।

माकपा के नेताओं सुच्चा ¨सह अजनाला, न¨रदर ¨सह चमियारी , भाकपा माले के मंगल ¨सह और भाकपा के नेताओं अमरजीत ¨सह आंसल, लखबीर ¨सह निजामपुरा ने बताया कि माकपा और भाकपा की ओर से पेट्रोल व डीजल के बढे़ रेट के खिलाफ अन्य पार्टियों के साथ मिल कर जो भारत बंद का आह्वान किया गया है उसे पार्टी वर्कर पूरी तरह सफल बनाएंगे। लोगों को शांतिमय ढंग से अपील की जाएगी कि वह सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ भारत बंद को सफल बनाएं। अगर आज देश के लोगों ने बढ़ रही कीमतों के खिलाफ आवाज न उठाई तो वह दिन दूर नहीं जब सरकारें अपनी मनमर्जी से लोगों पर काले कानून थोप कर उनका जीना मुहाल कर देंगी। उन्होंने कहा कि देशवासियों की मांग है कि पेट्रोल व डीजल को भी जीएसटी में शामिल किया जाए। आम लोगों की आर्थिक लूट बंद की जाए। इसके साथ-साथ ही अन्य खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर भी नियंत्रण रखा जाए। इस दौरान दोनों पार्टियों के नेता अमरीक ¨सह , और मंगल ¨सह आदि भी मौजूद थे।

एनपीएफ के वर्कर भी जताएंगे अपना विरोध: भाटिया

नेशनल पीपल्स फ्रंट ने भी डीजल व पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का दस सितंबर को विरोध करके का फैसला लिया है। एनपीएफ के अध्यक्ष एडवोकेट गगनदीप भाटिया और महासचिव राज¨वदर राजा ने कहा कि पार्टी भारत बंद को समर्थन करती है। उनकी पार्टी के वर्कर भी 10 सितंबर को संघर्ष के मैदान में उतरेंगे।

Posted By: Jagran