जागरण संवाददाता, अमृतसर

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के प्रतिनिधि किसानों की मांगों को लेकर 12 सितंबर को मुख्यमंत्री कैप्टन अम¨रदर ¨सह के साथ बात करेंगे। पंजाब के मुख्य सचिव सुरेश कुमार किसानों की यह मुलाकात मुख्यमंत्री से करवाएंगे। इस को लेकर किसानों की बैठक मुख्य सचिव के साथ हो गई है। मुख्य सचिव को किसानों ने अपनी मांगों की सारी जानकारी लिखित रूप में दे दी है। इस बात की जानकारी किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के राज्य अध्यक्ष सतनाम ¨सह पन्नू ने दी।

पन्नू ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ 12 सितंबर को होने वाली विशेष बैठक के लिए किसानों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के साथ विभिन्न किसान मुद्दों पर चर्चा होगी। मुख्य सचिव के साथ जो बातचीत हुई है उससे लगता है कि पंजाब सरकार किसानों की मुश्किलों को हल करने के लिए संजीदा रूख अपनाएगी। अगर मुख्यमंत्री किसानों की मांगों के प्रति गंभीरता नहीं दिखाएंगे तो किसान दोबारा संघर्ष के मैदान में कूद पड़ेंगे। मुख्य सचिव के साथ हुई बातचीत के दौरान संगठन के प्रतिनिधियों ने किसानों का सारा कर्ज माफ करने, किसानों की कुर्की और गिरफ्तारियां बंद करने , आत्महत्याएं कर चुके किसानों और मजदूरों के केसों का निपटारा करने, बेघर मजदूरों को पांच पांच मरले के प्लाट व पंचायतों की भूमि का एक तिहाई हिस्सा किसानों के लिए रखने, बुढ़ापा , विधवा , अपाहिजों को पेंशन तुरंत जारी करना, नीले कार्ड वालों को रेगुलर अनाज उपलब्ध करवाना, बिजली के बिल बकाए खत्म करना, किसान व मजदूर अंदोलनों के दौरान जिन किसानों मजदूरों पर मामले दर्ज किए हैं उनको रद्द करने आदि मांगें रखी हैं। इसके अलावा किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों के परिवारों के सदस्यों को नौकरी दी जाए। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में किसान नेता जसबीर सिह , सुख¨वदर ¨सह सभरा, अमरीक ¨सह बाठ व स¨वदर सिंह चुताला आदि भी मौजूद थे। जबकि सरकार की ओर से मुख्य सचिव के साथ डीजीपी ला एंड आर्डर हरदीप सिह ढिल्लों , कृषि डायरेक्टर विश्वजीत खन्ना, एडीजीपीसी व¨रदर कुमार आदि भी मौजूद थे।

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