अटारी (अमृतसर), जेएनएन। भारत चाहता है कि कॉरिडोर के निर्माण के बाद श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारा में दर्शन के लिए पा‍किस्‍तान रोज पांच हजार श्रद्धालुआें को बिना वीजा जाने की अनुमति दे। वैसाखी जैसे पर्व पर यह अनुमति 15 हजार श्रद्धालुओं के लिए हो। यह मुद्दा दोनों देशों के शिष्टमंडलों के बीच हुई वार्ता को उठाया गया। इसके साथ ही बैठक में श्री कॉरिडाेर साहिब कॉरिडोर को लेकर कई मुद्दे उठाए गए।

'सौहार्दपूर्ण माहौल' में हुई इस बैठक में तय किया गया कि श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर का काम शीघ्र शुरू किया जाए। बैठक के शिष्टमंडल के स्तर पर यह भी सहमति बनी है कि यात्रा के दौरान पासपोर्ट सिर्फ पहचान के लिए एक दस्तावेज होगा। भारत ने पाकिस्तान से यह भी मांग की है कि भारत की तरफ से प्रतिदिन पांच हजार श्रद्धालुओं और गुरु पर्व और वैसाखी जैसे खास दिनों में 15 हजार श्रद्धालुओं को करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए बिना वीजा इजाजत दी जाए।

इस पर जबाव इस्लामाबाद (पाकिस्तान) की तरफ से 2 अप्रैल को वाघा सीमा पर होने वाली बैठक में दिया जाएगा। आपसी करार के बाद अब दोनों देशों के इंजीनियर्स और तकनीकी विशेषज्ञों की टीमें 19 मार्च को कॉरिडोर स्थल का दौरा करेगी।

करतारपुर कॉरिडोर पर खालिस्तानी गतिविधियां नहीं होंगी बर्दाश्त : एससीएल दास

अटारी पर स्थित इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) पर हुई बैठक में भारत के शिष्टमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एसीएल दास और बीस सदस्यीय पाकिस्तानी शिष्टमंडल का नेतृत्व वहां के विदेश मंत्रालय के महानिदेशक (साउथ एशिया व सार्क) मोहम्मद फैजल ने किया।

बैठक में एसीएल दास ने स्पष्ट रूप से कहा कि करतारपुर कॉरिडोर को सिर्फ धार्मिक गतिविधियों के लिए प्रयोग किया जाएगा। किसी भी तरह की खालिस्तानी गतिविधियों को भारत बर्दाश्त नहीं करेगा। देश और नागरिकों की सुरक्षा भारत सरकार की पहली प्राथमिकता है। इसके लिए सेंट्रल एजेंसियों ने रोबोट वे से फुल प्रूफ डिजाइन तैयार किया है।

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बाद में पाकिस्तान पहुंचते ही फैजल ने ट्वीट किया कि दोनों देशों के शिष्टमंडलों में सौहार्दपूर्ण माहौल में रचनात्मक चर्चा हुई है। इस मौके पर पीडब्ल्यूडी विभाग पंजाब के सचिव हुसन लाल ने भरोसा दिलाया कि करतारपुर कॉरिडोर निर्माण के लिए लगी एजेंसियों को हर जरूरी मदद करेंगे। इस अवसर पर भारत सरकार के अधिकारी अखिल सक्सेना और दीपक मित्तल भी उपस्थित थे।

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कांप्लेक्स का डिजाइन 'खंडा साहिब' से प्रेरित 

कॉरिडोर के लिए 50 एकड़ जमीन जल्द एक्वायर की जा रही है। पहले फेज में 15 एकड़ पर पैसेंजर टर्मिनल का निर्माण शुरु कर श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व से पहले मुकम्मल कर लिया जाएगा। गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव निधि खरे ने कहा कि कांप्लेक्स का डिजाइन प्रतीक चिन्ह  'खंडा साहिब' से प्रेरित है, जो एकता और मानवता की कद्रों-कीमतों को दर्शाता है। करतारपुर साहिब कॉरिडोर को  स्टेट आफ द आर्ट बिङ्क्षल्डग बनाने की जिम्मेवारी लैंडपोर्ट अथार्टी आफ इंडिया को दी गई है।

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कॉरिडोर के मुख्‍य टर्मिनल की ये होंगी विशेषताएं

मुख्य टर्मिनल का मॉडल।

-21,650 वर्ग मीटर का होगा मुख्य टर्मिनल का क्षेत्र। लगभग 16 हजार वर्ग मीटर पूरी तरह वातानुकूलित होगा। 

-5000 यात्रियों के लिए कांप्लेक्स में होगी जगह।

-5400 वर्ग मीटर में होगी व्हील चेयर्स, खाने पीने के स्टाल, टिकट क्योसक और गठड़ीघर इत्यादि पब्लिक सुविधाएं

- 300 यात्रियों के बैठने के लिए वातानुकूलित प्रतीक्षालय और 250 यात्रियों की क्षमता वाला फूड कोर्ट।

-8250 वर्ग मीटर में लैंडस्केप के साथ 2500 यात्रियों के लिए बैठने की व्यवस्था।

-2000 तीर्थ यात्रियों के बैठने के लिए 4570 वर्ग मीटर में प्रतीक्षालय क्षेत्र।

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इम्मीग्रेशन और कस्टम व्‍यवस्‍था

-रोजाना 5000 श्रद्धआलुओं के लिए 54 इमीग्रेशन काउंटर।

-1700 वर्ग मीटर में लाइनों के लिए स्थान। 12 कस्टम कांउटर।

-300 फुट ऊंचा अंतरराष्ट्रीय सीमा पर राष्ट्रीय स्मारक झंडा।

-10 बसों, 250 कारों और 250 दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग।

- 140 करोड़ रुपये फेज-1 पर खर्च आने का अनुमान

- 30 मीटर ऊंचा वाच टावर फेज- 2 में होगा। दर्शक गैलरी और रेस्टोरेंट विकसित करने की योजना है।

-05 बेड वाला एक अस्पताल, करीब 300 श्रद्धालुओं के लिए रिहायश।

-लैंडस्केप क्षेत्र में जल भंडार, आर्टिक्स, स्थानीय सभ्याचारक मूर्तियां, एंफीथिएटर, बैठने की जगह, छतरियां, बैंच आदि होंगे।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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