जागरण संवाददाता, छेहरटा/ अमृतसर

कोट खालसा स्थित सुंदर नगर इलाके में ध्वस्त हुई पटाखा फैक्ट्री में सोमवार की देर रात को राहत अभियान के बाद एक बार फिर आग भड़क उठी। मौके पर ही मौजूद दमकल कर्मियों ने दोबारा पानी की बौछारों से आग पर काबू पाया। फिलहाल इस्लामाबाद थाने की पुलिस ने इलाके के लोगों के बयान पर पटाखा फैक्ट्री चलाने वाले व सरकारी टीचर अवतार ¨सह बिट्टू के खिलाफ इलाके में दहशत फैलाने और एक्सप्लोसिफ एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। एडीसीपी जगजीत ¨सह वालिया ने बताया कि पुलिस आरोपित की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

उधर, इलाके में रहने वाले विकास, विनोद कुमार, अरुणा, सुनीता, राज कुमार, गौरव, मीतू, विजय कुमार और सोनिया इत्यादि ने आरोप लगाया कि जब राहत अभियान समाप्त होने वाला था उस समय आरोपित के परिवार के सदस्यों ने पिछली गली में मौजूद गोदाम से बड़ी संख्या में पटाखे निकाले और फिर उन्हें सुरक्षित जगह पर ठिकाने लगा दिया। लोगों ने बताया कि अवतार ¨सह का परिवार पिछले पचास साल से इलाके में अवैध पटाखों का कारोबार करता आ रहा है। वह कई बार मौखिक रूप से पुलिस को शिकायत कर चुके हैं। इलाके के लोगों ने आरोप लगाया कि रिहायशी इलाके में पटाखों का खतरनाक कारोबार पुलिस के कुछ अफसरों की मिलीभगत के साथ चल रहा है। क्योंकि उनकी तरफ से दी गई शिकायतों पर आज तक प्रशासन गंभीर नहीं हुआ। अगर प्रशासन कार्रवाई करता तो आरोपितों की फैक्ट्री पर ताला लग सकता था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

सियासी दबाव के चलते नहीं होती शिकायत पर कार्रवाई

इलाके के लोगों ने बताया कि वह पुलिस को कई बार मौखिक रूप से शिकायत कर चुके हैं। पुलिस के अफसर आते हैं और उलटा शिकायत करने वाले का नाम और पहचान आरोपितों को बता जाते हैं। इसके बाद आरोपित का परिवार सियासी दबाव के चलते उन्हें परेशान करना शुरू कर देता है। गुर¨वदर ¨सह ने बताया कि उनकी छत आरोपित की फैक्ट्री के साथ है। सर्दी के दिनों में वह अपनी छत पर आग जलाते हैं तो आरोपित उनपर उलटा पुलिस की कार्रवाई करवा देते हैं। आरोपित उन्हें धमकाता है कि उनके घर में जली आग के चलते उसकी पटाखा फैक्ट्री को आग लग सकती है। आरोपित अवतार ¨सह बिट्टू की सत्ता के गलियारों तक पहुंच है जिस कारण आज तक पटाखा फैक्ट्री पर कार्रवाई नही हो सकी। मंगलवार को डिच मशीन से हटवाया गया मलबा

हादसे के बाद पुलिस ने घटना स्थल पर डिच मशीन मंगवाकर मलबा हटवाने का काम शुरू करवाया। पुलिस को आशंका थी कि मलबे के नीचे और भी बारूद हो सकता है। जिसके चलते बड़े एहतियात बरतते हुए शाम तक मलबा हटाने का काम चलता रहा।

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