विपिन कुमार राणा, अमृतसर : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के वॉल्ड सिटी में चल रहे अवैध निर्माणों को लेकर दिए गए आदेश बेअसर हैं। 'दैनिक जागरण' की टीम ने शुक्रवार को मौका ए मुआइना किया तो देखा कि हाईकोर्ट की कड़ी सख्ती के बावजूद आज भी एक दर्जन के लगभग निर्माण हो रहे हैं। खास बात यह है कि यह निर्माण कहीं तंग गलियों या गुप्त जगहों पर नहीं, बल्कि श्री दरबार साहिब को जाने वाले अहम रास्तों पर हो रहे हैं। विडंबना यह है कि हाईकोर्ट में जवाब देने के लिए एमटीपी विभाग सर्वे तो कर रहा है, पर उसके साथ ही चल रहे अवैध निर्माणों पर उसकी भी नजर नहीं जा रही।

हाईकोर्ट की सख्ती के बाद आज जब हमने हकीकत अवैध निर्माणों की हकीकत जानने का प्रयास किया तो एमटीपी विभाग की पोल खुल गई। घी मंडी चौक, केसरी बाग, जलियांवाला बाग के साथ, स्टेट बैंक टाउन वाली रोड, महासिंह गेट, सारागढ़ी पार्किंग वाली रोड, गली लाला वाली, राम गली, जडाउ वाली गली, कटड़ा आहलुवालिया, धरेक गली में एक दर्जन से ज्यादा निर्माण आज भी चल रहे हैं। समय समय पर इन निर्माणों के मामले उठते रहे है, पर सियासी शह व अधिकारियों की मिलीभगत से यह परवान चढ़ते आ रहे हैं। एमटीपी विभाग की कार्रवाई का आलम यह है कि इनमें से कुछ सील निर्माणों पर न सिर्फ इमारतें बनी, बल्कि होटल व कारोबार शुरू हो गया। कुछ एक को गिराने के फाइनल नोटिस जारी करने के बावजूद वहां बहुमंजिला इमारतें खड़ी हो गई जो निगम के सिस्टम को मुंह चिढ़ा रही है। पिछले दिनों हुई कार्रवाई के बावजूद इन निर्माण करने वालों पर न तो हाईकोर्ट और न ही निगम की सख्ती का भी कोई डर खौफ है। आज भी बेधड़क यह निर्माण जारी है। महासिंह गेट पर बन रही मार्कीट को एमटीपी आईपीएस रंधावा ने बताया कि उनके पास नक्शा नहीं है, पर किसी स्टे की वह बात कर रहे है। उन्हें दस्तावेज देने को कहा गया है, ताकि मामला क्लीयर हो सके।

कार्रवाई के निकाय सचिव के कड़े निर्देश

नगर निगम के एमटीपी विभाग द्वारा चंडीगढ़ में निकाय सचिव वेणुप्रसाद को गलियारा के होटलों व दुकानों के नक्शे व बाऊंड्री प्लान देने और सर्वे रिपोर्ट से उन्हें अवगत करवाने के बाद उन्होंने भी हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इसमें उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश व रिकार्ड मुताबिक सभी 352 होटलों व गेस्ट हाऊस तथा 119 गलियारा के अंदर आती कमर्शियल दुकानों पर सख्ती से कार्रवाई करने को कहा है। उधर एमटीपी विभाग अब भी सर्वे में उलझा हुआ है। विभाग ने शनिवार शाम तक प्रापर्टी टैक्स विभाग और पावरकॉम विभाग से इन इमारतों की बाबत रिपोर्ट देने को कहा है।

भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करे सरकार : खन्ना

नगर निगम सदन में अवैध होटलों व निर्माणों का मामला उठाने वाले वरिष्ठ पार्षद महेश खन्ना ने कहा कि एमटीपी विभाग पर शिकंजा कसने में निगम का सिस्टम फेल साबित हुआ है। निगम सदन ने सर्वसहमति के साथ एमटीपी विभाग के सभी अधिकारियों को सस्पेंड करने का प्रस्ताव पास किया था, पर सरकार ने इसे रोक दिया। निकाय सचिव एमटीपी विभाग के सालों से एक ही सीट पर बैठे हुए भ्रष्ट अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बदले, ताकि रेवेन्यू अधिकारियों की जेबों में जाने की बजाए निगम के गल्ले में आए। पूर्व कमिश्नर सोनाली गिरि ने 34 अवैध निर्माण गिराए थे, पर वह अब तैयार हो गए है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है। अवैध निर्माणों को शह देने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

अवैध निर्माण किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं : मित्तल

गलियारा और वाल्ड सिटी में रेगुलाइजेशन एक्ट पर स्टे के बाद हाईकोर्ट के कार्रवाई के कड़े आदेश दिए है। जिस पर कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करते हुए सर्वे करवाया जा रहा है। सर्वे का मकसद ही यही है कि किसी के साथ कोई धक्का न हो। अवैध निर्माणों को लेकर लगातार कड़ा रवैया चल रहा है और अगर कहीं निर्माण हो रहे है, तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

-कोमल मित्तल, कमिश्नर निगम।

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Posted By: Jagran

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