हरदीप रंधावा, अमृतसर

आइलेट्स सेंटर मालिकों को कभी बिजली के बिल को लेकर, तो कभी इमारत के किराये और कभी गुड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के कार्यालय में जाकर गिड़गिड़ाना पड़ता है, क्योंकि कोविड-19 की महामारी की वजह से आइलेट्स सेंटर बंद हैं। सेंटर बंद रहने की वजह से उन्हें बिजली के मीटर का रेंट, इमारत का किराया व जीएसटी का भुगतान करने के साथ-साथ स्टाफ सदस्यों को वेतन देना भी मुश्किल हो चुका है। आइलेट्स सेंटर पिछले साल 16 मार्च को बंद हुए थे, जिसके बाद 16 अक्टूबर को खुले थे। जबकि साल-2021 को 21 अप्रैल से आज तक शहर के सभी आइलेटस सेंटर बंद हैं और अब आर्थिक मंदहाली का सामना करने से असमर्थ हो चुके आइलेट्स सेंटर मालिकों ने सेंटरों को ताले लगाकर उनकी चाबियां जिला प्रशासन को सौंपने का फैसला लिया है।

सरकार की हर शर्त को मानने के लिए तैयार आइलेटस सेंटर

एसोसिएशन आफ वीजा एंड आइलेटस सेंटर (एवीआइसी) ने पंजाब सरकार की तरफ से पचास फीसदी शर्त के साथ जिम, सिनेमा व रेस्टोरेंट को खोलने के प्रयास को सराहनीय ठहराया है। साथ ही साथ एवीआइसी शहर के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आइलेट्स सेंटरों को शीघ्र खोलने की अवाज बुलंद की, जिसके लिए एवीआइसी ने हरेक शर्त को मानने का आश्वासन दिया है। पंजाब सरकार द्वारा जून के अंत तक अनलाक के तहत आने वाली नई गाइडलाइंस में आइलेट्स सेंटरों को खोलने के लिए स्टैंडर्ड आपरेटिग प्रोसीजर (एसओपी) जारी न हुआ, तो मजबूरन उन्हें अपने सेंटरों को ताले लगाकर उनकी चाबियां जिला प्रशासन को सौंपने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

सितंबर व जनवरी के इनटेक में दाखिला लेना चाहते हैं बच्चे

एसोसिएशन आफ वीजा एंड आइलेटस सेंटर (एवीआइसी) के चेयरमैन सुमित शर्मा, सचिव भगवंत सिंह, एग्जीक्यूटिव सदस्य संजय मंगलानी व हरविदर सिंह ने बताया कि साल-2020 में शुरुआती दौर में कोरोना का केस सामने आने के बाद सरकार ने सब कुछ बंद करवा दिया था। जबकि अब सितंबर व जनवरी के इंटेक में दाखिला लेने के लिए बच्चों में ही नहीं उनके अभिभावकों में उत्साह है। बच्चे विदेश में जाकर पढ़ाई करने का मौका गंवाना नहीं चाहते। आइलेट्स सेंटर संचालक भी सभी शर्ते मानने को तैयार हैं।

Edited By: Jagran