हरीश शर्मा, अमृतसर : एक तरफ जमीन के अंदर से पानी निकाल कर हम अपना भविष्य खतरे में डाल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पेड़ों की लगातार कटाई के कारण धरती भी गर्म होती जा रही है। ऐसे में पर्यावरण को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। इसमें केवल सरकार या प्रशासन ही सब कुछ नहीं कर सकता है बल्कि आम लोगों को भी जागरूक होना होगा और अपने आस-पास को हरा-भरा बनाने के लिए प्रयास करने होंगे।

अगर अमृतसर जिले की बात की जाए तो यह 139 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस मुताबिक इसके 33 प्रतिशत हिस्से में पेड़ होने जरूरी है जबकि मौजूदा समय में यह आंकड़ा केवल पौने सात प्रतिशत है। ऐसे में यह एक चिता का विषय है कि पेड़ों की कटाई तो लगातार जारी है लेकिन बदले में जितनी जरूरत है उसके मुताबिक पेड़ नहीं लगाए जा रहे हैं। इसलिए अगर अपना कल बचाना है तो आज अधिक से अधिक पेड़ जरूर लगाएं।

ग्रीन मैन के नाम से जाने से इनकम टैक्स कमिश्नर रोहित मेहरा ने बताया कि देश में प्रति व्यक्ति के पीछे 27 पेड़ हैं, लेकिन कटाई लगातार होने से संख्या और भी कम हो रही है। वहीं पंजाब में यह संख्या बहुत कम है। अगर अमृतसर जिले की बात की जाए तो प्रति व्यक्ति के पीछे 10 से 15 पौधे लगाए जाने की जरूरत है। मौजूदा समय में अमृतसर की जनसंख्या 30 लाख के करीब है जबकि पेड़ों की संख्या 20 लाख के करीब है। मगर यह संख्या दो करोड़ से ज्यादा होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है। वन भूमि पूरी तरह से कवर : सहोता

जिला वन अधिकारी सुरजीत सिंह सहोता ने बताया कि जिले में वन भूमि पर 5.92 लाख पेड़ लगे हुए हैं। यह पूरी तरह कवर है। इस बार उनके दो लाख पेड़ लगाने का टारगेट होशियारपुर जिले को दे दिया गया है, क्योंकि उनके पास इतनी जगह ही नहीं है कि नए पेड़ लगाए जाए। क्योंकि गांव में लिक सड़कों पर वन विभाग का नियम लागू नहीं होता है। ऐसे में वे लोग वहां पर पेड़ नहीं लगा पाते हैं इसलिए खुद लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। गांव में खेतों के इर्द-गिर्द लगाए जाएं पेड़ : डा. बिलगा

गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के प्रो. डा. जेएस बिलगा ने कहा कि यह तो हम सब जानते हैं कि पेड़ लगाने बहुत जरूरी हैं, क्योंकि यह न केवल धरती को ठंडा रखने में मदद करते हैं बल्कि बारिश करवाने और प्रदूषण को कम करने में भी मदद करते हैं। इसके लिए जरूरी है कि गांव में किसान अपने खेतों के इर्द-गिर्द पेड़ लगाएं। गेहूं और धान की फसलों के चक्कर से बाहर निकलकर सफेदा, पापुलर आदि लगाने की तरफ ध्यान दें। इससे उनका मुनाफा भी बढ़ेगा और पेड़ों की संख्या भी। इससे साफ हवा भी मिलनी शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए किसानों को भी जागरूक होकर एक साथ चलने की जरूरत है। तभी गांव स्तर पर यह सब कुछ कामयाब हो सकता है।

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