जागरण संवाददाता, अमृतसर: कोरोना काल में दूसरी लहर के कम होते ही एक बार फिर से गुरुनगरी में होटल इंडस्ट्री में रौनक लौट आई है। सभी जगह बंदिशें हटने के बाद अब पर्यटक महानगर में भ्रमण का रुख करने लगे हैं। इसका नतीजा यह है कि वीकएंड पर शहर के सभी होटल फुल हो गए हैं। शनिवार और रविवार के लिए होटलों में कमरे लेने के लिए वेटिग दर्ज की जा रही है जो कारोबार को बूस्ट के लिए अच्छा संकेत है।

होटल फुल होने से होटल कारोबारी भी खुश हैं। आखिर उनका काम फिर से पटरी पर लौट रहा है। फुल होने के बावजूद भी शहर के सभी होटलों में वेटिग करीब पांच हजार तक पहुंच गई है। अगर इसी तरह स्थिति रहती है तो शहर के व्यापार को काफी फायदा होगा। मौजूदा समय की बात की जाए तो शहर में वीकएंड में पर्यटकों की संख्या लगभग एक लाख के पार पहुंच गई है जबकि आम दिनों में यह संख्या 50 हजार के करीब है क्योंकि पूरे राज्य में केवल अमृतसर शहर ही टूरिस्ट प्लेस के तौर पर मशहूर है। यहां पर श्री हरिमंदिर साहिब, दुग्र्याणा तीर्थ किला गोबिदगढ़, अटारी बार्डर सहित अन्य कई जगहें हैं जहां पर लोग घूमने आना पसंद करते है। अब तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 अगस्त को जलियांवाला बाग का रेनोवेशन होने पर उद्घाटन करने जा रहे हैं। इससे भी यहां आने वाले लोगों में इजाफा होगा। 20 हजार से ज्यादा लोगों का होटलों से जुडा रोजगार

अमृतसर की होटल इंडस्ट्री से बीस हजार से ज्यादा लोगों का रोजगार मिल रहा है। अब उन सभी को एक बार फिर से रोजगार मिल गया है। करीब डेढ़ साल के बाद ऐसा हुआ है की होटलों में इतनी बड़ी तादाद में बुकिग शुरू हो पाई। शहर में छोटे-बड़े सब मिलाकर 850 के करीब होटल है, जिनमें नौ हजार से ज्यादा कमरे हैं । ऐसे में सभी होटल फुल हो गए है। गाइडलाइन जारी कर रिट्रीट सेरेमनी भी शुरू हो: चठ्ठा

अमृतसर होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन सिविल लाइन के प्रधान एपीएस चठ्ठा यह बहुत ही अच्छा संकेत है कि होटल इंडस्ट्री में बहाल लौट आई है। अब सरकार को चाहिए कि गाइडलाइंस जारी कर रिट्रीट सेरेमनी भी शुरू की जाए। इससे टैक्सी चालकों का काम भी पटरी पर आ जाएगा। इस व्यवसाय के साथ भी दस हजार के करीब लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है।

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