जागरण संवाददाता, अमृतसर

शहरवासियों को फूड के नाम पर परोसी जा रही गंदगी के खिलाफ नगर निगम का सेहत विभाग सोमवार को फील्ड में उतारा। सेहत अधिकारी डॉ. अजय कुंवर के नेतृत्व में शाम पांच बजे निकली टीम ने दो घंटे तक कार्रवाई करते हुए शहर के छह नामी संस्थानों के किचन के हालात खंगाले। इनकी किचन में गंदगी का आलम वह खुद दंग रह गए। कहीं फंगस लगी फिश व चिकन मिला तो कहीं गली सड़ी सब्जियां व पुराना दही। ज्यादातर संस्थानों के पास न तो निगम का लाइसेंस था और न ही वहां काम करने वाले कर्मचारियों के फिटनेस सर्टिफिकेट।

सेहत अधिकारी डॉ. अजय कंवर अपनी टीम डॉ. दर्शन कश्यप, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर जेपी बब्बर, सेनेटरी इंस्पेक्टर मनिदर सिंह बाबा, विजय गिल के साथ शाम को मजीठा रोड स्थित चार्मिंग चिकन पर पहुंचे। प्राथमिक जांच में उन्होंने पाया कि वहां पड़ी फिश पर फंगस लगी हुई है और पालीथीन में फिश कैंडी में रखी हुई है। किचन में काम करने वालों के पास फिटनेस सर्टिफिकेट भी नहीं था, उल्टा उनके नाखून तक बढ़े हुए थे। उनके पास निगम का लाइसेंस तक नहीं था।

विभाग ने इसका चालान काटते हुए व्यवस्थाओं को सुधारने की चेतावनी दी। मजीठा रोड स्थित प्रकाश मीट शॉप पर भी उन्हें ऐसे ही हालात मिले। मटन व ग्रेवी तक पर फंगस लगी हुई थी। मजीठा रोड पर ही द ब्रदर रेस्टोरेंट पर भी हालात उन्हें कुछ बेहतर दिखाई नहीं दिए। वहां उन्हें पुरानी सब्जियां व दही जहां मिला, वहीं गूंथे हुए आटे पर भी काई जमी हुई थी। वहां स्टोर किए गए साग के हालात देखकर वह दंग रह गए, वह पूरी तरह से काला हुआ पड़ा था और लोहे की तरह सख्त था। ब्रेन के हालात देख भाग गए कस्टमर

रणजीत एवेन्यू स्थित मामा मीट शॉप में टीम ने जब उनकी कैंडी खोली तो उसमें से आ रही बदबू से वह हैरान रह गई। कैंडी से उन्होंने जैसे ही दस से बारह किलो ब्रेड बाहर निकाले तो वह नीले हुए पड़े थे। उनमें से बदबू आ रही थी। बदबू हाल में फैलते ही वहां बैठे कस्टमर वहां से भाग खड़े हुए कि उन्हें क्या परोसा जा रहा है। टीम को मक्शन फिश ओल्ड जेल रोड से मिली फिश तो ठीक हालत में मिली, पर चिकन से बदबू आ रही थी। उसके पास विभाग का लाइसेंस भी नहीं था।

रणजीत एवेन्यू में होटल बेस्ट वेस्ट्रन की किचन में भी टीम को सड़ी सब्जियां मिलीं और यहां उन्होंने खाने लायक न होने की वजह से 25 किलो के लगभग चिकन नष्ट किया। आते रहे सियासी लोगों के फोन

सेहत विभाग की कार्रवाई के बाद सभी संस्थानों के प्रबंधक विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए अपने सियासी आकाओं की शरण में चले गए। पांच बजे कार्रवाई शुरू होने से लेकर सात बजे जब कार्रवाई खत्म हुई। तब इन संस्थानों के प्रबंधकों ने अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए नेताओं के फोन करवाए, पर विभागीय अधिकारियों ने अपनी कार्रवाई जारी रखी। उन्होंने फोन करने वाले नेताओं को भी संस्थानों के किचन में बने हुए हालातों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह लोग स्वाद के नाम पर शहर को किस तरह से गंदगी परोस रहे हैं।

पहले नोटिस जारी होगा, फिर सीलिग : डा. कंवर

आज शहर के छह नामी संस्थानों को चेक किया गया है। इन संस्थानों के किचन में मौके पर जो हालात मिले, वह बताने मुश्किल है। स्वाद के नाम पर लोगों को परोसी जा रही गंदगी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इन संस्थानों में जो कमियां मिली है, उन्हें ठीक करने के लिए इन्हें सात दिनों का नोटिस जारी किया जाएगा। अगर उनके बाद भी हालात नहीं सुधरे तो इन संस्थानों को सील करने की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

—डॉ. अजय कुंवर, सेहत अधिकारी नगर निगम।

Posted By: Jagran

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