यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गोशालाओं की गुहार, बिजली बिल माफी की घोषणा करे सरकार
सरकार से सहायता नहीं मिलने से कई गोशालाओं के सेवादार मायूस हैं। ऐसे में उन्होंने गुहार लगाई है कि सरकार गोशालाओं के बिजली बिल माफी के घोषणा कर राहत दे।

संस, अमृतसर: सरकार से सहायता नहीं मिलने से कई गोशालाओं के सेवादार मायूस हैं। ऐसे में उन्होंने गुहार लगाई है कि सरकार गोशालाओं के बिजली बिल माफी के घोषणा कर राहत दे। बेसहारा गोधन की सेवा करने के उद्देश्य से वर्ष 1903 में बनाई गई अमृतसर पिजरापोल गोशाला घी मंडी आज भी गो माता की सेवा कर रही है। वर्ष 1930 में इस गोशाला की स्थापना ठाकुर श्री महा चंद्र ने की थी। इस समय इस गोशाला की तीन शाखाएं चल रही हैं। एक शाखा घी मंडी, दूसरी फोकल प्वाइंट और तीसरी मानावाला के नजदीक गांव राजेवाल में है। इन तीनों में करीब 2400 पशुधन हैं। इस गोशाला में पिछले 15 वर्षो से एक अभियान शुरू किया हुआ है, जिसमें पंजाब की साहीवाल नस्ल को बढ़ावा दिया जा रहा है।
यह गोशाला दानी सज्जनों के सहारे चल रही है। गऊओं की सेवा कर रहे धर्मपाल चोपड़ा ने बताया कि साहीवाल नस्ल को बचाने के लिए गोशाला प्रबंधक कमेटी ने कई प्रयास किए हैं। कमेटी के प्रधान संतोष गुप्ता व महामंत्री अशोक कपूर टीम के साथ इस गोशाला के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। हालांकि सरकार की तरफ से उन्हें कोई सहायता नहीं मिल रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार श्री गो अष्टमी पर गोशाला के बिजली के बिल माफ करे और आर्थिक सहायता देने की घोषणा करे। महानगर में 11 नवंबर को कई धार्मिक कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं। इसके अलावा संत बाबा भौडे़ वाले गोशाला लोहगढ़, श्री आरती शिव दुर्गा मंदिर में बनी गोशाला व अन्य गोशालाओं में भी धार्मिक कार्यक्रम करवाए जाएंगे।
