जागरण संवाददाता, अमृतसर

23 अगस्त को मजीठा इलाके में केनरा बैंक के 38 लाख रुपये लूटने के मामले में बैंक का चपरासी ही ¨कगपिन निकला। आरोपित ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर सारा षड्यंत्र रचा था। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए चपरासी सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन पिस्तौल, लूट के 30.80 लाख रुपये और वारदात में प्रयोग की गई दो कारें बरामद कर ली हैं।

बार्डर जोन के आइजी सु¨रदर परमार और एसएसपी देहाती परमपाल ¨सह ने बताया कि पांचवें लुटेरे की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। उन्होंने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि 23 अगस्त को मजीठा स्थित केनरा बैंक शाखा का स्टाफ अपनी निजी कार में 38 लाख रुपये लेकर अमृतसर मुख्य शाखा में जा रहा था। रास्ते में दो कारों में सवार पांच लुटेरों ने कार को घेर लिया और मैनेजर की आंखों में मिर्ची पाउडर डालकर कैश ले भागे थे। जांच में सामने आया कि बैंक के चपरासी पंडोरी सुक्खा ¨सह निवासी द¨वदर ¨सह ने ही लूट की सारी योजना बनाई है। क्योंकि घटना से कुछ दिन पहले से ही बैंक के स्टाफ में कैश अमृतसर ले जाने की बात चल रही थी। इसके बाद द¨वदर ने अपने साथी ईसापुर सुल्तान ¨सह रंधावा, बेअंत ¨सह, पल¨वदर ¨सह और सुल्तान¨वड हरप्रीत ¨सह के साथ मिलकर कैश लूटने की योजना बनाई। और वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए थे।

एक आरोपी अभी भी फरार

आइजी बार्डर जोन ने बताया कि पुलिस ने जांच के दौरान बैंक प्रबंधन के सभी सदस्यों से पूछताछ की। चपरासी द¨वदर ¨सह से जब पुलिस ने पूछताछ की तो वह टिक नहीं पाया। जब पुलिस ने सख्ती की तो उसने सारी कहानी पुलिस के समक्ष बयान कर दी। इसके बाद पुलिस ने बारी-बारी से सभी को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन हरप्रीत ¨सह उर्फ कैप्टन अभी तक फरार है।

Posted By: Jagran