जासं, अमृतसर: जेल से जमानत पर छूटे कुख्यात गैंगस्टर रणदीप सिंह उर्फ राणा कंधोवालिया निवासी कंधोवालिया सहित तीन लोगों पर मंगलवार की रात आठ बजे दो युवकों ने गोलिया चलाकर उनको बुरी तरह जख्मी कर दिया। तीनों की हालत गंभीर बनी हुई है। देर रात तक उनका आप्रेशन जारी रहा। इस घटना में चार युवक शामिल रहे। वे सफेद रंग की क्रेटा में आए थे।

घटना का पता चलते ही पुलिस कमिश्नर डा. सुखचैन सिंह गिल, डीसीपी मुखविंदर सिंह भुल्लर, एडीसीपी संदीप मलिक मौके पर पहुंचे। आशका है कि तिहाड़ जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया ने इस वारदात को अपने गुर्गो के जरिए अंजाम दिया है क्योंकि जग्गू का पिछले कई सालों से राणा के साथ विवाद चल रहा था।

दरअसल, अटारी के पास रहने वाला गैंगस्टर रणदीप सिंह उर्फ राणा कंधोवालिया अपने दोस्त अकाली दल बादल के स्टूडेंट विंग के प्रधान तेजवीर सिंह के साथ किसी रिश्तेदार का हाल पूछने मजीठा रोड स्थित केडी अस्पताल पहुंचा था। कंधोवालिया गांव की महिला रिश्तेदार पिछले एक सप्ताह से अस्पताल में अपना इलाज करवा रही थी। राणा दो दिन पहले भी उसका हाल जानने अस्पताल आया था। मंगलवार को जैसे ही राणा अस्पताल में पहुंचा तो क्रेटा में सवार चार युवक भी उसके पीछे आ गए। तेजवीर और राणा सीढि़यों से रिश्तेदार के पास जा रहे थे। ठीक उसी समय दो हमलावर भी उनका पीछा कर रहे थे। दूसरी मंजिल पर पहुंचते ही दोनों आरोपितों ने राणा और तेजवीर पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। करीब 10 से 12 राउंड फायरिंग हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि राणा को पाच गोलिया और तेजवीर को तीन गोलिया लगीं। जब अस्पताल के गार्ड ने शोर मचाया तो हमलावरों ने एक गोली उसे भी मार दी और फिर अपनी कार में फरार हो गए। गोलियों की आवाज से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। वहीं काफी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। इस घटना के बाद पूरे शहर में अलर्ट जारी कर दिया गया। दिसंबर 2019 में हुई थी राणा की जमानत

कुख्यात गैंगस्टर रणदीप सिंह उर्फ राणा कंधोवालिया के खिलाफ मारपीट, गोलिया चलाने और गुंडागर्दी के दर्जन पर मामले दर्ज हैं। आरोपित काफी समय तक जेल में भी रहा। दिसंबर 2019 को कोर्ट ने राणा को जमानत पर रिहा कर दिया था। परिवार राणा को हमेशा सुधारने की नसीहत दे रहा था लेकिन गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया उसे जेल से ही मार देने की धमकिया दे रहा था। राणा के परिवार ने 30 अक्टूबर 2020 को राणा की शादी कर दी थी। राणा और उसके साथियों ने अपनी शादी के समारोह में हर्ष फायरिंग की थी। इस बाबत भी राणा और उसके साथियों पर गोलिया चलाने का मामला दर्ज किया गया था। इस दौरान फरवरी 2020 में कोर्ट से पेशी भुगतने के बाद घर लौट रहे राणा पर जग्गू भगवानपुरिया ने गोलिया चलाकर मार देने की कोशिश की। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

वारदात के बाद पुलिस कमिश्नर डा. सुखचैन सिंह गिल ने अस्पताल और उसके आसपास लगे सारे सीसीटीवी कैमरे वाले के आदेश जारी किए। मामले की जाच करवाई जा रही है। सीपी ने दावा किया है कि हत्यारोपितों का जल्द सुराग लगा लिया जाएगा। पहले भी दो साथी गैंगवार की भेंट चढ़े थे

जग्गू भगवानपुरिया के टारगेट पर राणा से जुड़े लोग रहे। राणा जिस ग्रुप का हिस्सा रहा, जग्गू के इशारे पर उसी ग्रुप के बब्बा शरीफपूरा को अमृतसर बाईपास पर गोलिया मारकर तब मार दिया गया जब वह जमानत पर बाहर आया हुआ था। उसकी जिम्मेदारी जग्गू ने ली थी। उसके बाद इन्हीं के करीबी रहे पार्षद गुरदीप पहलवान को भी तब जग्गू के गुर्गो ने गोलिया मारी जब वो गोल बाग अखाड़े से निकल रहा था।

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