-लोगों का आरोप परिवार के रौब के कारण प्रशासन ने नहीं की कार्रवाई

-आतिशबाज के नाम से मशहूर है सरकारी शिक्षक बिट्टू का परिवार

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जागरण संवाददाता, छेहरटा (अमृतसर): कोट खालसा इलाके के सुंदरनगर में सरकारी शिक्षक की अवैध पटाखा फैक्ट्री में सोमवार देर शाम धमाकों के बाद एक बार फिर प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। फैक्ट्री मालिक सरकारी शिक्षक अवतार ¨सह बिट्टू का परिवार इलाके में आतिशबाज के नाम से मशहूर है। रिहायशी इलाके में उनका पटाखों का अवैध कारोबार 15 साल से चल रहा था। लोगों का कहना है कि वह कई बार प्रशासन को इस बारे में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन बिट्टू, उसकी पत्नी (नर्स) और परिवार के सदस्यों के रौब के चलते उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो पाई। गुमराह करता रहा परिवार

फैक्ट्री मालिक अवतार का परिवार घटना के बाद पुलिस व मीडियाकर्मियों को गुमराह करता रहा कि हादसा सिलेंडर फटने से हुआ है, जबकि मौके से बारूद की दुर्गध आ रही थी। पुलिस को लोगों ने अवैध पटाखा फैक्ट्री की जानकारी दी। घटना के लगभग आधे घंटे के भीतर दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन दमकल के पहुंचने से पहले इलाके के लोग बच्ची सहित छह लोगों को मलबे से जख्मी हालत में निकाल चुके थे। फायर फाइटर्स ने फैक्ट्री के मलबे के नीचे दबे तीन कर्मियों को सवा घंटे की मशक्कत के बाद गंभीर हालत में बाहर निकाला। घायलों में रमन कुमार, पूजा, गुड्डी, अजय कुमार, सुख¨मदर ¨सह शामिल हैं। फैक्ट्री में काम करने वालों की पहचान नहीं हो पाई है। फैक्ट्री मालिक के रिश्तेदारों ने की गुंडागर्दी

घटनास्थल पर कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के साथ फैक्ट्री मालिक के परिजनों और रिश्तेदारों ने गुंडागर्दी की। कैमरा देखकर वह बिफर पड़े और हाथापाई पर उतारू हो गए। फैक्ट्री मालिक अवतार ¨सह के भाई ने तो लाठी उठाकर कैमरे की तरफ मारने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल ने उसके हाथ से लाठी छीन ली।

घरों के शीशे टूटे

सुंदरनगर की मेन गली और उसके आसपास दो दर्जन से ज्यादा घरों को जोरधार धमाकों से नुकसान पहुंचा है। कई घरों की दीवारों में दरारें आ गई। कुछ घरों की खिड़कियों और दरवाजों के शीशे तक टूट गए। पटाखा फैक्ट्री के बारे में जब इलाके के लोगों ने शोर मचाना शुरू किया, तो फैक्ट्री मालिक के रिश्तेदारों ने लोगों को भी धमकाना शुरू कर दिया। पुलिस ने कई बार लोगों और आरोपित पक्ष को आपस में आमने-सामने होने से भी रोका।

जीटी रोड पर है पटाखों की बड़ी दुकान व गोदाम

जीटी रोड के पास कोट खालसा में ही सरकारी शिक्षक की पटाखों की बड़ी दुकान है। लोगों ने बताया कि जहां फैक्ट्री है, उसके सौ गज की दूरी पर पटाखों का गोदाम भी है। यहां बड़ी मात्रा में पटाखे स्टोर जाते हैं। इसके अलावा यहां सारा साल बारूद का कारोबार तो चलता ही है, लेकिन दीवाली के पास आते ही बारूद से भरे ट्रकों की लाइन लगी रहती है। कोठी में छिपाए रखा घायल मजदूर

फैक्ट्री मालिक के भाई ने एक जख्मी मजदूर को घटनास्थल के सामने अपनी कोठी के अंदर छिपा लिया। लगभग पौने घंटे के बाद जब अन्य मजदूर को बाहर निकाला गया, तो उन्होंने चुपके से घर में छुपाए मजदूर को एंबुलेंस में ले जाने की कोशिश की। यह देखकर पुलिस व इलाके के लोग भड़क उठे। एडीसीपी वालिया खुद जुटे राहत अभियान में

मलबे के नीचे मजूदर और परिवारों के सदस्य दबे थे। बार-बार शोर मच रहा था कि मलबे के नीचे से किसी की आवाज सुनने को मिल रही हैं। यह सुनकर एडीसीपी जगजीत ¨सह वालिया भावुक हो गए उन्होंने अपने हाथों से मलबा हटाना शुरू कर दिया। यही नहीं, उन्होंने लाउड स्पीकर पकड़कर इलाके के लोगों से राहत अभियान में जुटने की अपील की।

Posted By: Jagran