संवाद सहयोगी, वेरका

निजी एयर एंबुलेंस कंपनी के कर्मचारियों पर आरोप लगाते हुए न्यू आजाद नगर सुल्तानविड रोड वासी तजिदर सिंह ने कहा कि कंपनी के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण उसकी बेटी की मौत हुई है।

उन्होंने कंज्यूमर कोर्ट से अपील करते हुए कहा कि उनको हर्जाना नहीं, इंसाफ चाहिए। तजिदर सिंह ने कहा कि उसकी बेटी गुरप्रीत कौर कैंसर से पीड़ित थी, जिसे सितंबर 2018 में मुबंई के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। जहां पर हालत में सुधार न होने पर चार दिन बाद 26 सितंबर 2018 को इमरजेंसी में अमृतसर लाने के लिए मुंबई की एक निजी एयर एंबुलेंस के साथ संपर्क किया गया, जिन्होंने दो घंटे में मरीज को दो पारिवारिक सदस्यों सहित अमृतसर पहुंचाने के लिए छह लाख रुपये मांगे थे। 3.50 लाख एडवांस में दे दिए गए थे, बाकी पैसे अमृतसर पहुंचने पर देने के लिए तय हुआ था।

पीड़ित ने बताया कि एयरपोर्ट पर कंपनी के कर्मचारियों ने बाकी रहते पैसे देने के लिए मजबूर किया तथा पैसे लेने के बाद कहा कि विमान में तेल कम होने के कारण मरीज को सिर्फ लेकर जा सकते हैं। जिसके बाद कर्मचारी एयर एंबुलेंस को मुंबई से अमृतसर लाने की बजाए जयपुर ले गए तथा तेल डलवाने का बहाना बनाकर तीन घंटे के करीब समय खराब करने के बाद शाम साढ़े सात बजे अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंचे।

वहां से वह अपनी बेटी को वेरका मजीठा बाइपास रोड स्थित एस्कार्ट अस्पताल में लेकर पहुंचे। कुछ समय बाद ही उसकी मौत हो गई। अगर समय पर मेडिकल सहायता मिल जाती है तो शायद उसकी बेटी की जान बच जाती। कार्रवाई की मांग को लेकर उन्होंने अमृतसर कंयूमर कोर्ट में अपील की थी, लेकिन कोर्ट द्वारा कंपनी को केवल हर्जाना डाला गया है। पीड़ित ने कहा कि हर्जाना नहीं, कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करके उनको इंसाफ दिया जाए।

Posted By: Jagran

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