जागरण संवाददाता, अमृतसर

कर्मचारी भविष्य निधि के क्षेत्रीय कमिश्नर निशांत यादव ने सात संस्थानों के खिलाफ अदालत में केस दायर किया है। इन संस्थानों के खिलाफ यह विभागीय एक्शन काम करने वाले कर्मचारियों के यूएएन (यूनीक अकाउंट नंबर)-केवाईसी को कर्मी के आधार, मोबाइल और बैंक अकाउंट से अभी तक लिक न करने पर लिया गया है। इसमें अमृतसर के अलावा गुरदासपुर, पठानकोट और तरनतारन के संस्थान भी शामिल हैं। अब इन संस्थानों के अधिकृत अधिकारियों या मालिकों को अदालत से जमानत करवानी होगी।

उन्होंने बताया कि विभाग जब सदस्य कर्मियों को ऑनलाइन सुविधा दे रहा है तो प्राइवेट संस्थानों द्वारा उनके कर्मियों के यूएएन नंबर के साथ आधार कार्ड, मोबाइल फोन नंबर और बैंक अकाउंट का लिक करना जरुरी है। तभी कर्मचारी अपने क्लेम या दावे ऑनलाइन कर सकता है। विभाग जहां इसके लिए कैंप लगा कर प्राइवेट संस्थानों के मालिकों, डायरेक्टरों और अधिकृत अधिकारियों को जागरूक कर रहा है, वहीं उन्हें ऐसा नहीं करने की सूरत में कार्रवाई की भी चेतावनी देता रहा है।

पीएफ के क्षेत्रीय कमिश्नर यादव ने बताया कि क्षेत्र की अन्य कंपनियों के खिलाफ भी जल्द ही यही एक्शन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी भी 22 हजार सदस्यों के यूएएन नंबर के साथ आधार कार्ड, 36 हजार सदस्यों के बैंक खाते और 31 हजार सदस्यों के मोबाइल फोन नंबर लिक किए जाने बाकी हैं। दूसरी तरफ उन्होंने प्राइवेट कंपनियों के मालिकों और डायरेक्टरों से अपील भी की है कि अब भी वे अपने कर्मियों के यूएएन नंबर के साथ उनके आधार, मोबाइल और बैंक खाते को लिक करवाते हैं, तो अदालती कार्रवाई से बच सकते हैं। इन संस्थानों के खिलाफ दर्ज किया केस

निशांत यादव ने बताया कि बार-बार निर्देश देने के बाद भी कई संस्थान सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी तरह से नाकाम रहे हैं। अमृतसर के बटाला रोड स्थित हरगुन अस्पताल, छेहरटा, गुमानपुरा के मैसर्ज एमएस एंड कंपनी, छेहरटा, जीटी रोड स्थित मैसर्ज मनमोहन राय, पठानकोट की आरबी प्लाइवुड, पठानकोट की ही गुरदियाल सिंह एंड कंपनी, तरनतारन भिखीविड के गुरु नानक देव डीएवी पब्लिक स्कूल और तरनतारन की मैसर्ज सोनी बदर्स मेटल फताहबाद के खिलाफ अदालत में केस दायर कर दिया गया है।

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Posted By: Jagran