'पापा रोज शराब पीकर मां से...', 5 साल के मासूम ने बयां किया दर्द; अमृतसर रेलवे स्टेशन पर भावुक कर देने वाला मामला
अमृतसर रेलवे स्टेशन पर एक पांच वर्षीय मासूम अपने नशे में धुत पिता के साथ मिला, जिसने आरपीएफ को बताया कि पिता मां से झगड़ा कर उसे यहां लाए हैं।

आरपीएफ ने बच्चे को मां से मिलवाया। फोटो जागरण
HighLights
अमृतसर स्टेशन पर नशे में पिता संग मिला पांच वर्षीय मासूम।
बच्चे ने बताया पिता मां से झगड़कर उसे अमृतसर लाए थे।
आरपीएफ ने मासूम को सुरक्षित उसकी मां तक पहुंचाया।
नितिन धीमान, अमृतसर। यह मेरे पिता हैं रोज शराब पीते हैं। शराब पीके मेरी मां के साथ झगड़ा करते हैं। कुछ दिन पहले भी मां से झगड़ा हुआ था तो मुझे उठाकर अपने साथ अमृतसर ले आए। यह बात पांच वर्षीय मासूम ने अमृतसर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर गिरे अपने पिता को देखते हुए आरपीएफ से कही।
दरअसल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर एक मासूम अपने पिता के साथ मिला, लेकिन पिता इतनी अधिक शराब के नशे में था कि वह ठीक से बात करने की स्थिति में भी नहीं था। पास खड़ा पांच वर्षीय बच्चा डरा और सहमा हुआ था। वह लगातार रो रहा था।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने जब बच्चे से बात की तो उसने जो बताया, उससे पूरे घटनाक्रम की तस्वीर सामने आई। मासूम ने कहा कि मेरे पापा ने शराब पी है। मम्मी से झगड़कर मुझे अपने साथ ले आए हैं।
रेलवे स्टेशन से छत्तीसगढ़ ले जाने की बात
व्यक्ति की हालत गंभीर होने के कारण उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी पहचान संजय के रूप में हुई। बच्चे ने बताया कि उसके पिता उसकी मां से झगड़ा करने के बाद उसे अपने साथ लेकर आए थे। पिता बस से बच्चे को लेकर अमृतसर पहुंचा और इसके बाद रेलवे स्टेशन से उसे छत्तीसगढ़ ले जाने की बात कह रहा था।
मासूम ने बताया कि उसके पिता कठुआ में दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। उनका मूल निवास छत्तीसगढ़ में है। वह कठुआ के एक स्कूल में पढ़ता है। बच्चे के अनुसार पिता के अधिक शराब पीने को लेकर उसकी मां उन्हें अक्सर मना करती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होता था। घटना वाले दिन भी माता-पिता के बीच झगड़ा हुआ और इसके बाद पिता उसे अपने साथ लेकर निकल आया।
आरपीएफ ने पहुंचाया अस्पताल
रेलवे स्टेशन पर पिता की हालत बिगड़ने के बाद आरपीएफ ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जबकि बच्चे की सुरक्षा को देखते हुए बाल कल्याण समिति को सूचना दी गई। बच्चे को समिति के समक्ष पेश किया गया। इस दौरान एडवोकेट एमके शर्मा के समक्ष भी बच्चे की पेशी हुई। बच्चे की मां को भी बुलाया गया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद मासूम को उसकी मां के हवाले कर दिया गया।
उधर अस्पताल में उपचार के दौरान संजय वहां से फरार हो गया। उसके बाद उसका कोई पता नहीं चल पाया। बच्चे को सुरक्षित मां के पास पहुंचाए जाने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बच्चे को मां से मिलवाया
मार्मिक पहलू यह है कि पिता के नशे में होने और मां से विवाद के बीच अमृतसर पहुंचा पांच वर्षीय आयुष शायद यह नहीं समझ पा रहा था कि वह घर से इतनी दूर कैसे आ गया। रेलवे स्टेशन की भीड़ में उसके लिए सबसे बड़ा सहारा उसका पिता ही था, लेकिन शराब के नशे में पिता खुद ही उसकी सुरक्षा संभालने की स्थिति में नहीं था। ऐसे में आरपीएफ और बाल कल्याण समिति की तत्परता से मासूम को सुरक्षित उसकी मां तक पहुंचाया जा सका।
