संवाद सहयोगी, अमृतसर : सरकारी स्कूलों के हेड मास्टर/हेड मिस्ट्रेस व प्रिसिपलों की जनरल नॉलेज में इजाफा करने के साथ-साथ अंग्रेजी सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। माधव विद्या निकेतन स्कूल में उड़ान प्रोजेक्ट के तहत जारी रिफ्रेशर कोर्स में सेकेंडरी विग के 224 प्रिसिपलों व हेड मास्टरों की क्लास ली जा रही है। उन्हें उड़ान प्रोजेक्ट के तहत हर नई जानकारी व देश-विदेश के घटनाक्रम से लैस किया जा रहा है। ताकि यह जानकारी प्रिसिपल अपने स्कूलों में विद्यार्थियों तक पहुंचा कर उनके ज्ञान में वृद्धि कर सके। साथ ही साथ विभाग की कोशिश है कि प्रिसिपल अपने अंग्रेजी ज्ञान में भी सुधार करे।

रिफ्रेशर कोर्स के मुख्य रिसोर्स पर्सन तथा सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल जब्बोवाल के प्रिसिपल दीप इंद्र खैहरा ने बताया कि शिक्षा विभाग ने प्रिसिपलों की जनरल नॉलेज में इजाफा करने के लिए रिफ्रेशर कोर्स शुरू किया है। इसके अलावा स्पोकन इंगलिश, वर्ड ऑफ द डे व लाइब्रेरी लंगर की ट्रेनिग प्रिसिपलों को दी जा रही है। यह सभी गतिविधियां उड़ान प्रोजेक्ट के तहत संचालित की जा रही है।

उन्होंने बताया कि रिफ्रेशर कोर्स में उनके साथ रिसोर्स पर्सन के रूप में अर्चना बोस, गुरिदर कौर, रिपी, नरिदर कौर, डॉ. गुरदियाल, डॉ. अरजिदर कलेर कार्यरत है। चार कंप्यूटर फैकल्टी अमनदीप, संदीप, राजेश व पुनीत भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे है। रिफ्रेशर कोर्स में समानांतर रूप में दो-दो ग्रुप चल रहे हैं। सुबह साढे़ आठ बजे से दोपहर दो बजे तक ट्रेनिग शिविर होगा। शुक्रवार अंतिम दिन होगा।

डीईओ सेकेंडरी ने लिया जायजा

डीईओ सेकेंडरी सलविदर सिंह समरा ने रिफ्रेशर कोर्स का जायजा लिया। उन्होंने प्रिसिपलों व हेड मास्टरों को बताया कि वह सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को ऊपर ले जाए। ताकि सरकारी स्कूल मिसाल बन जाएं।

टीचर डे पर सम्मानित किए जाएंगे मेहनती अध्यापक

टीचर डे पर मेहनती व कर्मठ अध्यापकों के सम्मान के लिए शिक्षा विभाग अमृतसर ने सम्मान समारोह का आयोजन करने के लिए रूपरेखा तैयार की है। लेकिन अध्यापकों को यह सम्मान रिफ्रेशर कोर्स में ट्रेनिग लेने के लिए आए प्रिसिपलों व हेड मास्टरों से धनराशि एकत्रित करके दिया जाएगा। बताया जाता है कि पहले प्रत्येक प्रिंसिपल व हेड टीचर के जिम्मे पर एक हजार रुपये जमा करने के लिए कहा था। इस पर काफी हल्ला मचा। इसके बाद प्रति प्रिसिपल व हेड टीचर 500 रुपये निर्धारित कर दिए गए। 500 रुपये अदा करने के लिए काफी प्रिसिपल सहमत हो गए, लेकिन कुछेक प्रिसिपल अभी भी इस फैसले से खफा है।

Posted By: Jagran

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