अमृतसर, जेएनएन। कोरोना महामारी के चलते इस बार शहरवासी 80 से 100 फुट के रावण, मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतलों का अग्नि दहन देखने से वंचित रह गए। सिर्फ श्री दुग्र्याणा तीर्थ कमेटी द्वारा धार्मिक परंपरा निभाने के लिए दशहरा ग्राउंड में 20 फुट के रावण के पुतला दहन किया गया। पुतले को अग्नि भेंट श्री गिरिराज सेवा संघ के सदस्यों ने की।

लंगूर बने बच्चों ने पुतले पर तीर चलाकर धार्मिक परंपरा को निभाया। लंगूर बने बच्चों ने श्री बड़ा हनुमान मंदिर में माथा टेका, उसके बाद दशहरा मैदान में रावण के पुतले वाली जगह पर जाकर धार्मिक परंपरा को निभाया। श्री दुग्र्याणा कमेटी ने चाहे लोगों की भीड़ के रूप में न एकत्रित करने का आग्रह किया था, पर फिर भी तीर्थ परिसर में काफी लोग पहुंचे हुए थे। कमेटी द्वारा रावण का पुतला जलाने का समय सायं तीन बजकर दस मिनट का रखा गया था, लेकिन सेवादारों ने करीब ढाई बजे ही पुतला दहन कर दिया। तीर्थ परिसर में लंगूर बने बच्चे अपने माता पिता के साथ ढोल की थाप पर नाचते हुए दिखाई दिए। श्री गिरिराज सेवा संघ के प्रधान संजय मेहरा, श्री दुग्र्याणा कमेटी के प्रधान रमेश शर्मा व महासचिव अरुण खन्ना के दिशा निर्देशों पर दशहरा पर्व मनाने को लेकर सभी प्रबंध किए गए थे।

जालंधर से आई रेणुका ने कहा कि उनकी बेटी नेहा लंगूर बनी हैं, वह धार्मिक परंपरा को निभाने के लिए रावण को तीर से मारने आई हैं। मजीठा रोड स्थित खड़क सिंह वाला में प्राचीन महाकाली मंदिर के प्रधान हितेश शर्मा की अध्यक्षता में 20 फुट का रावण का पुतला दहन किया गया। पार्षद प्रियंका शर्मा ने कहा कि रावण के दहन के साथ ही प्रभु की कृपा से कोरोना वायरस का खात्मा हो जाएगा। इस अवसर पर इंद्रजीत शर्मा, राजीव शर्मा, धीर सिंह, मोहन लाल आदि मौजूद थे। अजनाला में कीर्तन दरबार सोसायटी की ग्राउंड में रावण, कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों को विधायक हरप्रताप सिंह अजनाला ने अग्नि भेंट की।

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