र¨वदर शर्मा, अमृतसर

लोगों की बढ़ रही भीड़ सेवा केंद्रों का दम तोड़ने वाली है। अकसर इनका ठप सर्वर लोगों के लिए परेशानी बन गया है। सेवा केंद्रों की कमजोर ढांचागत व्यवस्था और कर्मचारियों की तानाशाह वाली नीति के चलते लोगों का इनसे भरोसा खत्म होता जा रहा है। तहसीलदार से एक मामूली से

दस्तावेज पर हस्ताक्षर करवाने के लिए लोगों को महीनों सेवा केंद्र में चक्कर लगाने पड़ते हैं। जन्म या अन्य किसी तरह का सर्टीफिकेट लेना हो तो लोगों को महीनों इंतजार करना पड़ता है। हालांकि इसके लिए पंजाब सरकार के लिए काम करने वाली कंपनी मौजूदा सेवा केंद्रों में सुधार के लिए सभी कर्मचारियों का तबादला करने का फैसला किया है।

बीएलएस कंपनी ने नहीं बनाया हेल्प डेस्क

पंजाब सरकार के करार के मुताबिक बीएलएस कंपनी ने लोगों की सुविधाओं के लिए हेल्प डेस्क बनाया जाना अनिवार्य था। ताकि सेवा केंद्रों में पहुंचने वाले लोगों को हर तरह की जानकारी दी जा सके। लेकिन जिला में मौजूदा सेवा केंद्रों में एक भी सेंटर में हेल्प डेस्क नहीं बनाया गया। लोग

सेवाओं के लिए तो कई-कई घंटे लाइनों में खड़े रहना पड़ता है मगर विशेष सेवा के लिए क्या प्रक्रिया है बाबत जानकारी हासिल करने के लिए घंटों लाइन में खड़े होता पड़ता है।

बुजुर्गो के लिए अलग लाइन की व्यवस्था नहीं

पंजाब सरकार के कार्यालयों की तर्ज पर सेवा केंद्रों में बुजुर्गो के लिए अलग से लाइन की व्यवस्था होनी चाहिए। क्योंकि उन्हें काम के लिए घंटों खड़े नहीं रहना पड़े। डिप्टी कमिश्नर कमलदीप ¨सह संघा ने कई माह पहले इस बाबत सेवा केंद्र के मैनेजर को हिदायतें भी जारी की थी। वहीं उन्होंने दिव्यागों के लिए व्हील चेयर भी सेवा केंद्र में रखे जाने को कहा था, मगर जिला में इस तरह का एक भी केंद्र ऐसा नहीं जिनमें उक्त सुविधाएं जरुरतमंदों को मिलें।

जिला में थे 153 सेवा केंद्र, रह गए 31

पंजाब सरकार ने लोगों को घर के निकट सरकारी सेवाएं मुहैया करवाने के लिए सेवा केंद्रों की शुरुआत की। जिला में अलग-अलग लोकेशन्ज पर 153 केंद्र खोले गए। क्योंकि ज्यादातर सेवा केंद्र सरकार पर बोझ बन गए तो इनमें से 122 सेवा केंद्रों को बंद कर दिया गया। इसी साल जून के अंतिम सप्ताह में 78 केंद्र देहाती इलाकों में और इसके अगले महीने जुलाई में 44 शहरी क्षेत्रों में बंद किए गए।

डीसी और चंडीगढ़ की टीम ने की थी स्टाफ के तबादले की सिफारिश

क्योंकि डिप्टी कमिश्नर कमलदीप ¨सह संघा के पास इस तरह की शिकायतें पहुंची कि उन्हें मामूली से काम के लिए सेवा केंद्रों में महीनों चक्कर लगाने पड़ते हैं तो उन्होंने बीएलएस कंपनी को सभी सेवा केंद्रों के कर्मियों के तबादले करने को लिखा। इसके बाद पिछले माह चंडीगढ़ से पहुंची एक अन्य टीम ने भी जिला के सेवा केंद्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लेकर कर्मियों की अदला-बदली किए जाने की सिफारिश की थी। एक कर्मचारी के एक ही सीट पर बैठने से वह मठाधीश बन जाता है और इससे काम प्रभावित होने लगता है।

कोट. कर्मचारियों की नियुक्तियां की जा रहीं

सेवा केंद्रों के लिए कर्मचारियों की नियुक्तियां की जा रही हैं, ताकि रिक्त पदों को भरा जा सके। जिला के सभी सेवा केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों के तबादले के लिए रणनीति बनाई जा रही है और जल्द ही इसे क्रियान्वित भी किया जाएगा। उम्मीद है कि इससे सेवा केंद्रों काम बेहतर तरीके से होगा और लंबित काम को भी जल्द से जल्द निपटाया जाएगा।

सुनील शर्मा, जोनल मैनेजर बीएलएस कंपनी, चंडीगढ़।

Posted By: Jagran