जागरण संवाददाता, अमृतसर

फताहपुर जेल में बंद नशा तस्करी के एक आरोपित व एचआइवी पाजीटिव मरीज (40) की मंगलवार की दोपहर गुरु नानक देव अस्पताल में मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि उनके बेटे की हत्या की गई है। 6 सितंबर से वह अस्पताल में ठीक था और आज उसे छुट्टी दी जाने वाली थी। एक इंजेक्शन लगने के बाद वह तड़पने लगा और जमीन पर गिर गया। देखते ही देखते उसकी मौत हो गई। घटना के बारे में पता चलते ही असिस्टेंट जेल सुप¨रटेंडेंट हिम्मत शर्मा, एसीपी नार्थ सरबजीत ¨सह अस्पताल में पहुंच गए। फिलहाल हवालाती के शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए कब्जे में ले लिया गया है।

गुरु नानक देव अस्पताल में पीड़ित परिवार ने बताया कि किसी रंजिश के चलते 11 महीने पहले कुछ लोगों ने उनके बेटे को नशा तस्करी के केस में फंसा दिया था। सुल्तान¨वड थाने की पुलिस ने उसके कब्जे से 270 ग्राम नशीला पाउडर बरामद किया था। तब से वह फताहपुर जेल में बंद था। जेल प्रबंधन ने उन्हें सूचना दी थी कि उसे (हवालाती) एचआइवी पाजीटिव और काला पीलिया जैसे रोग से ग्रस्त है। कुछ दिनों से उसकी जेल में तबीयत खराब होती जा रही थी। इस देखते हुए जेल प्रबंधन ने उसे 6 ¨सतबर को गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल करवाया। उसकी सुरक्षा के लिए मजीठा रोड थाने से सुरक्षा कर्मी भी तैनात किए गए थे। परिवार ने बताया कि उनका बेटा स्वस्थ हो रहा था। मंगलवार को नर्स ने उसे इंजेक्शन दिया तो वह कुछ देर में तड़पने लगा। देखते ही देखते वह बिस्तर से नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई।

वहीं दूसरी तरफ एसीपी नार्थ सरबजीत ¨सह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता लग सकेगा। फिलहाल शव को कब्जे में ले लिया गया है। उन्होंने बताया कि हवालाती नशा तस्करी में लिप्त था और खुद भी नशे का सेवन करता था। एचआइवी पाजीटिव और काला पीलिया का इलाज भी कराया जा रहा था। उधर, असिस्टेंट जेल सुप¨रटेंडेंट हेमंत शर्मा ने बताया कि सेहत खराब होते ही नशा तस्करी के आरोपित को अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया था।

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