'साडे नाल की दुश्मनी, क्यों मारदे ओ...', तरनतारन में डोनी बल्ल गैंग ने ASI को गोलियों से भूना; गिड़गिड़ाती रही पत्नी
तरनतारन में काउंटर इंटेलिजेंस के एएसआई इकबाल सिंह की ड्यूटी से लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई। उनकी पत्नी के सामने शूटरों ने उन पर गोलियां बरसाईं।
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एएसआई तैनात इकबाल सिंह (बाएं), धमकी भरी आडियो भेजने वाला कोमल नौशहरा (दाएं)। फाइल फोटो
HighLights
एएसआई इकबाल सिंह की तरनतारन में गोली मारकर हत्या।
डोनी बल्ल गैंग ने सोशल मीडिया पर ली जिम्मेदारी।
पत्नी ने देखा हमला, चिल्लाई 'साडे नाल की दुश्मनी'।
धर्मबीर सिंह मल्हार, तरनतारन। फिरोजपुर जिले के मल्लांवाला क्षेत्र में बतौर एएसआई तैनात इकबाल सिंह जब ड्यूटी से बाइक पर घर लौट रहे थे तो कस्बा नौशहरा पन्नुआं के अड्डे पर पत्नी दर्शन कौर स्कूटी पर सवार मिली। दोनों ने एकसाथ बाजार में करीब पंद्रह मिनट खरीददारी की।
वापस घर लौटते समय काउंटर इंटेलिजेंस में तैनात एएसआई इकबाल सिंह अपनी बाइक आगे लेकर चल रहे थे। जबकि थोड़ी ही दूरी पर दर्शन कौर थी। उसने देखा कि अन्य बाइक पर सवार दो शूटर अपने चेहरों को ढके हुए करीब आए और पिस्टलों से गोलियों की बौछार करने लगे।
पिस्टल देखकर दर्शन कौर चिल्लाई। उसके मुंह से निकला साडे नाल की दुश्मनी, क्यों मारदे ओ..। इतने में शूटरों ने चार गोलियां एएसआई इकबाल सिंह की छाती में दागी, जो आरपार हो गई। सोमवार को सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया। दो बार एक्सरे अल्ट्रासाउंड किया गया।
पुलिस ने वारदात में शामिल बाइक बरामद की
पंजाब पुलिस में तैनात एएसआई जगदीप सिंह, जो जिला पुलिस हेडक्वार्टर में तैनात है, ने बताया कि 11 सितंबर की रात को उसके भतीजे अजमीत सिंह को बाइक सवारों ने गोलियों से भूना था। ठीक उसी वक्त 11 अक्टूबर को (एक माह) में बाइक सवारों ने मेरे भाई को मार दिया है।
दिसंबर 2022 में थाना सरहाली पर हुए आरपीजी हमले के मुख्य साजिशकर्ता अजमीत सिंह भले ही अपराध की दुनिया में था, लेकिन हमारे परिवार का उसके साथ ऐसा कोई वास्ता नहीं था। फिर अजमीत के बाद मेरे बाजू क्यों तोड़ी गई। जगदीप सिंह ने कहा कि मेरे बड़े भाई इकबाल सिंह का मुझे बहुत सहारा था।
उधर, तरनतारन पुलिस ने वो बाइक देर रात बरामद कर ली, जिस पर सवार शूटरों ने इकबाल को मौत के घाट उतारा था। देर रात पुलिस ने मोबाइल टावर का डंप उठाया, जिसके आधार पर तीन लोगों को राउंडअप कर जांच की जा रही है। दिन-भर में पुलिस ने करीब 82 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, परंतु शूटरों का सुराग नहीं लग पाया। हालांकि वे गांव लौहुका की तरफ भागे बताए जाते है।
विदेशी नंबरों से मिली थी धमकियां
11 सितंबर को अजमीत सिंह की हत्या के बाद उसका ताया इकबाल सिंह काफी आहत था। काउंटर इंटेलिजेंस में तैनात इकबाल सिंह को विदेशी नंबरों से धमकियां भी मिली थी। हालांकि, उसने हल्के में लिया। इन धमकियों बाबत जिला पुलिस अभी कुछ कहने को तैयार नहीं। माना जाता है कि पुलिस की जांच विभिन्न पहलुओं पर चल रही है।
बाक्सः एएसआई इकबाल सिंह की हत्या की जिम्मेदारी डोनी बल्ल, प्रभ दासूवाल, अफरीदी तूत, अमर खब्बे, मेहर रंधावा ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालकर ली है। इस पोस्ट में छह अक्टूबर को मारे गए गांव तूत के सरपंच अश्विनी देवगन की हत्या का बदला भी करार दिया है।
दूसरी तरफ, एएसआई इकबाल सिंह के जर्मन में रहते कोमल नौशहरा (कोमलप्रीत सिंह) ने एक आडियो वायरल कर डोनी बल्ल गैंग को चेतावनी दी है। उसका कहना है कि मैं अपने दम पर लखबीर सिंह लंडा हरिके, सतनाम सिंह सत्ता नौशहरा का मददगार हूं, लेकिन हमारे ग्रुप ने कभी बेकसूर को नहीं मारा। डोनी बल्ल गैंग बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं की हत्या कर दहशत फैला रहा है।
अब ये लोग परिवारों तक पहुंच चुके है, जिसका हिसाब चुकता करने के लिए जल्द ही ट्रेलर दिखाया जाएगा। उधर, एक अलग पोस्ट में कोमल ने पंजाब पुलिस को चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की तो पुलिस थानों पर ग्रनेड फेंके जाएंगे।
जिले के एसएसपी सुरेंद्र लांबा का कहना है कि पंजाब पुलिस किसी धमकियों से डरने वाली नहीं। इकबाल सिंह हमारी ही फोर्स का हिस्सा था। उसकी हत्या करने वाले लोग कौन है, ये पता लगाया जा रहा है। हत्यारों को जल्द काबू कर लिया जाएगा।
