जागरण संवाददाता, अमृतसर : अटारी पर कस्टम विभाग के पहले डॉग स्क्वायड ट्रेनिंग सेंटर का उद्घाटन शनिवार को सेंट्रल बोर्ड ऑफ इंडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम (सीपीआइसी) के सदस्य डॉ. जोन जोसेफ ने किया। उन्होंने बताया कि यहां ट्रेनिंग प्राप्त डॉग स्क्वायड देशभर की सीमाओं पर तैनात होंगे, जिससे तस्करी पर रोक लगेगी। उनके साथ विभाग की चीफ कस्टम कमिश्नर रंजना झा तथा कमिश्नर दीपक गुप्ता भी मौजूद थे।

डॉ. जोसेफ ने कहा कि यह शुरुआत है। देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के ट्रेनिग सेंटर खोले जाएंगे। इसके अलावा विभाग ब्रीडिग सेंटर भी शुरू करेगा। कस्टम कमिश्नर दीपक गुप्ता ने कहा कि यहां अमृतसर के अलावा दिल्ली, मुंबई और कोचीन के डॉग्स को ट्रेनिग दी जा रही है। इस अवसर पर डॉग स्क्वायड का प्रदर्शन भी किया गया। यहां चीफ कमिश्नर आफ डायरेक्टोरेट लॉजेस्टिक्स सुरेश किश्नानी, एनएसीआइएन के प्रिसिपल अतिरिक्त डायरेक्टर जनरल अनिल कुमार गुप्ता, डॉ. सुमन बाला, कमिश्नर निलेश गुप्ता, कमिश्नर तिनित सैनी, बीएसएफ के डीआइजी भूपिदर सिंह, कमांडेंट मुकुंद कुमार झा के अलावा रॉ तथा आइबी के अधिकारी भी उपस्थित थे।

सूंघने के 20 साल बाद भी व्यक्ति को पहचान लेते हैं डॉग्स

डॉ. जोसेफ ने कहा कि डॉग नशीले पदार्थ, करंसी व अन्य तस्करी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि इनकी सूंघने की शक्ति बहुत तेज होती है। वे एक बार किसी व्यक्ति को सूंघ लें तो बीस साल बाद भी उसे पहचान लेते हैं। जापान एयरपोर्ट पर कर्मचारी या अधिकारी दिखाई नहीं देते। चेकिग का पूरा काम एक्सरे मशीनें और डॉग स्क्वायड करते हैं। वे तस्करी रोकने में पूरी तरह से सक्षम हैं।

सात साल में ट्रेंड होंगे 242 डॉग्स

कस्टम विभाग की चीफ कमिश्नर रंझना झा ने बताया कि अभी विभाग के पास 17 डॉग हैं, जो देश की सीमाओं के अलग-अलग हिस्सों पर तस्करी रोकने में अहम भूमिका निभाते हैं। विभाग को 242 ट्रेंड डॉग की जरूरत है। इसके लिए सात साल लग जाएंगे, क्योंकि अटारी पर खुले सेंटर में 20-20 डॉग्स के दो बैचों को ही ट्रेनिग दी जा सकती है। आठ माह की ट्रेनिग के बाद डॉग हैंडलर के हर इशारे पर तुरंत रिएक्ट करता है।

Posted By: Jagran

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