अमृतसर, जेएनएन। कैप्‍टन अमरिंदर सिंह कैबिनेट से इस्तीफा स्‍वीकार किए जाने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू अब सक्रिय हो गए हैं। उन्‍होंने यहां अपने समर्थकों की बैठक में कहा कि उन्होंने मंत्री पद छोड़ा है, कांग्रेस पार्टी नहीं। वह कांग्रेस के वफादार सिपाही तरह काम करेंगे। उनको मंत्री पद छोड़ने का कोई मलाल नहीं है। दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने सिद्धू से दूरी बना रखी है। सिद्धू के खास समर्थकों और कुछ पार्षदों को छोड़कर किसी भी कांग्रेस नेता ने सिद्धू से मुलाकात नहीं की है। इससे अमृतसर की राजनी‍ति में गुरु के लिए नई चुनौती पैदा हो सकती है।

समर्थकों व कुछ पार्षदों के साथ कर रहे बैठक, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने बनाई दूरी

नवजोत सिद्धू ने अपने निवास पर समर्थकों और करीबी पार्षदों के साथ बैठक की। उन्‍होंने कहा कि वह अब अपने विधानसभ क्षेत्र अमृतसर ईस्ट में पूरी वचनबद्धता के साथ काम करेंगे। इस मीटिंग में शामिल हुए पार्षद दमनदीप सिंह ने बताया कि नवजोत सिंह सिद्धू अपने विधानसभा क्षेत्र के सभी पार्षदों के साथ बैठक करेंगे। सिद्धू को इस बात का बिल्कुल मलाल नहीं है कि उन्होंने मंत्री पद छोड़ा है। अब उनका पूरा फोकस इस विधानसभा क्षेत्र के विकास की ओर होगा। इसके लिए उन्होंने 20 लाख की राशि जारी की है।

नवजोत ङ्क्षसह सिद्धू अपने होली सिटी स्थित आवास पर समर्थकों से मिल रहे हैं, लेकिन मीडिया से दूरी बरकरार रखी है। बुधवार को सिद्धू सारा दिन अपने आवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने कुछ चुनिंदा पार्षदों को आवास पर बुलाकर बातचीत की। ईस्ट विधानसभा क्षेत्र के कुछ लोग भी पहुंचे। सिद्धू ने लोगों व पार्षदों की समस्याएं सुनीं और समाधान करवाने का आश्वासन दिया।

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खास बात यह है कि इस्तीफे के बाद से ही सिद्धू से मिलने के लिए कांग्रेस के विधायक या मंत्री नहीं आए। केवल चार पार्षद और कुछ कार्यकर्ता सिद्धू के आवास तक पहुंचे। इनसे बातचीत कर सिद्धू अपने हलके में डटकर काम करने का निर्देश दे रहे हैं। सिद्धू ने पार्षदों से कहा है कि वे अपने-अपने वार्ड में डटकर काम करें। लोगों के बीच पहुंचें और उनकी समस्याएं सुनें और हल करवाएं। सिद्धू ने पार्षदों से यह भी कहा कि वह भी जल्द ही हलके के लोगों के बीच आएंगे।

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पार्षद दमनदीप, नवदीप हुंदल, शैलेंद्र शैली, पार्षद पुत्र सौरभ मिट्ठू मदान व सिद्धू के नजदीकी कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता तकरीबन ढाई घंटे सिद्धू आवास पर रहे। सिद्धू ने पार्षदों व समर्थकों से कहा कि संगरूर में बाढ़ आई है। इससे लोग बेघर हो गए हैं। वहां जाकर उनकी मदद करें। सिद्धू से पार्षद दमनदीप सिंह ने कहा कि उनके इलाके तुंगपाई में बिजली का ट्रांसफार्मर सड़क के बीचों-बीच लगा है। इसके अतिरिक्त इलाके में 11000 किलोवॉट की बिजली की तारें छतों को छू रही हैं। इन तारों के कारण तीन लोगों की मौत हो चुकी है। सिद्धू ने पावरकॉम के अधिकारियों को ट्रांसफार्मर व तारें हटाने की कार्रवाई शुरू करने को कहा ।

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कांग्रेस नेताओं ने सिद्धू से बनाई दूरी, बढ़ सकती है शहर की सियासत में गुरु की मुश्किल

दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने नवजोत सिंह सिद्धू से दूरी बनाई हुए है। रविवार को सिद्धू के अमृतसर पहुंचने के बाद से अब तक अमृतसर का कांग्रेस का कोई वरिष्‍ठ नेता उनसे मिलने नहीं पहुंचा है। लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस के स्टार प्रचारक रहे नवजोत सिंह सिद्धू के कैबिनेट से बाहर होने के बाद वह अपने विधानसभा क्षेत्र में सिमट कर रह गए हैं। विधानसभा क्षेत्र में भी कोई बड़ा नेता अब तक उनसे मिलने नहीं पहुंचा है। ऐसे में शहर की राजनीति में नवजोत सिंह सिद्धू के लिए राह कठिन हाे सकती है।

कैबिनेट मंत्री रहते जब सिद्धू अमृतसर पहुंचते थे तो उनसे मिलने के लिए कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लग जाता था। सिद्धू कैबिनेट मंत्री पद से इस्‍तीफा स्‍वीकार होने के बाद चंडीगढ़ में सरकारी आवास खाली कर रविवार को अमृतसर पहुंचे। उनके यहां पहुंचने पर उनके समर्थक और कुछ पार्षद उनकी कोठी पर पहुंचे, लेकिन सिद्धू दो दिनों तक किसी से नहीं मिले। अलबत्‍ता, सोमवार को उनकी पत्‍नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू कोठी में बने कार्यालय में समर्थकों से मिलीं।

डॉ. नवजोत कौर ने समर्थकों से कहा कि सिद्धू जल्‍द ही उनसे मिलेंगे। इसके बाद नवजोत सिद्धू मंगलवार को समर्थकों व कुछ करीबी पार्षदों से मिले। बुधवार और वीरवार को भी यह क्रम जारी रहा, लेकिन कांग्रेस का कोई बड़ा नेता उने मिलने नहीं पहुंचा। माना जा रहा है कि मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह से सिद्धू के विवाद के मद्देनजर कोई भी कांग्रेस नेता खुद को असहज स्थिति में नहीं डालना चाहता है। 

बस्सी भी नहीं पहुंचे सिद्धू का आशीर्वाद लेने    

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच खींचतान का ही प्रतिफल है कि कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने सिद्धू से दूरी बनाकर रखी है। नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन दिनेश बस्सी भी होली सिटी में रहते हैं। दोनों के घर कुछ ही दूरी पर हैं। हालांकि बस्सी ने चेयरमैन पद संभालते ही कहा था कि नवजोत सिद्धू उनके लिए सम्माननीय हैं और जब वह घर आएंगे तब वह उनका आशीर्वाद लेने जरूर जाएंगे, लेकिन बस्सी अब तक उनके आवास पर नहीं पहुंचे हैं।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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