जासं, अमृतसर: पुलिस थाना भिडीसैदां के अधीन पड़ते गांव धर्मकोट के गुरुद्वारा साहिब में शनिवार रात को हुई बेअदबी की घटना आरोपित ने सेवादारों को फंसाने के लिए की थी। सब इंस्पेक्टर तेजिदर सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया है कि इस मामले का मुख्यारोपित मस्सा सिंह और उसके दो बेटों की अन्य सेवादारों के साथ रंजिश थी, क्योंकि इनकी गुरुद्वारा साहिब में कम सुनी जाती थी और अन्य सेवादारों को अधिक महत्व दिया जाता था। इसी कारण मौका पाकर मस्सा सिंह ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अंग चाकू से काटे थे। मस्सा सिंह और उसके बेटे गुरमुख सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। उन्हें रविवार शाम कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपितों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस ने दावा किया है कि उसके दूसरे बेटे परगट सिंह को भी जल्द काबू कर लिया जाएगा। मस्सा सिंह के दोनों बेटे पाठी हैं।

गांव निवासी धर्मेदर सिंह ने बताया कि वह गुरुद्वारा साहिब में सेवादार है। शनिवार दोपहर तीन बजे वह श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सेवा कर रहा था। रुमाला साहिब उठाकर देखा तो श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अंग (पन्ने) चाकू से कटे हुए पाए गए। घटना के बाद उसने तुरंत अन्य सेवादरों को जानकारी दी और कुछ देर बाद संगत गुरुद्वारा साहिब में पहुंच गई। तब उन्होंने संगत के साथ मिलकर गुरुद्वारा साहिब में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो उसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति अंग काटता दिखाई दिया। तब संगत ने आरोपित की पहचान धर्मकोट गांव निवासी मस्सा सिंह के रूप में बताई। उन्होंने बताया कि मस्सा सिंह गुरुद्वारा साहिब में रोजाना आता था। वह कभी प्रसाद बांटने तो कभी झाड़ू लगाने की सेवा करता था। जब इस बाबत पूछा तो मस्सा सिंह और उसके बेटे गुरमुख सिंह व परगट सिंह ने गुरुद्वारा के अन्य सेवादारों के साथ झगड़ना शुरू कर दिया।

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