जागरण संवाददाता, अमृतसर

तेज रफ्तार एवं भागदौड़ भरी ¨जदगी में सेहत का विषय बहुत पीछे रह गया है। इसका नतीजा यह है कि आज लोग युवावस्था में ही ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, ह्रदय रोग, कोलेस्ट्रोल, मोटापा, गठिया, थायरॉयड जैसे रोगों से पीड़ित होने लगे हैं। ये रोग प्रौढ़ावस्था में होते थे। आज अपनी ही गलत आदतों की वजह से लोग इनका शिकार बन रहे हैं। यह विचार नरोगम हेल्थ केयर की डायरेक्टर डॉ. मोनिका शर्मा ने न्यूट्रीशयन सप्ताह पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए रखे।

डॉ. मोनिका ने कहा कि स्वस्थ आहार का पालन करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन यह स्वस्थ जीवन बिताने के लिए महत्वपूर्ण है। शारीरिक गतिविधि के साथ पौष्टिक आहार और संतुलित भोजन का सेवन अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी है। स्वस्थ भोजन में उच्च गुणवत्ता वाली प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, खनिज और पानी शामिल होते हैं। स्वस्थ भोजन न केवल अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है, बल्कि वजन बनाए रखने, थकान को कम करने, रोगों से दूर रहने और आयु लंबी करता है। खाद्य पदार्थों में पोषक तत्व इंसान के दैनिक जीवन की गतिविधियों को सुचारू रखते हैं। शरीर की कोशिकाओं को पर्यावरणीय क्षति से बचाते हैं। डॉ. मोनिका के अनुसार घी, तेल से बनी चीजें जैसे पूड़ी, परांठे, छोले भठूरे, समोसे-कचौरी, जंक फूड, चाय, कॉफी, कोल्ड ¨ड्रक का ज्यादा सेवन सेहत के लिए घातक है। इससे ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रोल, मधुमेह, मोटापा एवं हार्ट डिजीज हो सकते हैं। पेट में गैस, अल्सर, एसीडिटी, बार-बार दस्त लगना, लीवर खराब होना जैसी तकलीफें होने लगती हैं। इनकी बजाय खाने में हरी सब्जियां, मौसमी फल, दूध, दही, छाछ, अंकुरित अनाज और सलाद को शामिल करना चाहिए जो की विटामिन, खनिज लवण, फाइबर तत्वों से भरपूर होते हैं।

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