अमृतसर, जेएनएन। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) नान टीचिंग चुनाव में छह साल बाद डेमोक्रेटिक इंप्लाइज फ्रंट ने ऐतिहासिक वापसी की है। पहली बार नान टीचिंग की कमान फ्रंट की महिला नेत्री हरविंदर कौर के हाथ में आई है। डेमोक्रेटिक इंप्लाइज फ्रंट की प्रधान पद के लिए उम्मीदवार हरविंदर कौर को 467 वोट पड़े, जबकि उनके प्रतिद्वंदी यूनिवर्सिटी कर्मचारी डेमोक्रेटिक फ्रंट हरदीप सिंह नागरा को 415 वोट पड़े। इसी तरह सचिव पद के लिए रजनीश भारद्वाज को 480 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंदी मनप्रीत सिंह को 392 मतों से ही संतोष करना पड़ा।

नान टीचिंग चुनाव में कुछ 1000 कर्मचारियों ने मतदान करना था। जिनमें अमृतसर के अलावा बटाला, गुरदासपुर और जालंधर कैंपस से भी कर्मचारी शामिल है। वीरवार को मतदान में 899 वोट डाले गए, जबकि 101 कर्मचारी वोट डालने नहीं पहुंचे। चुनावी मैदान में उतरी दोनों ही यूनियन के उम्मीदवार वोटिंग के दौरान काफी उत्सुक थे। पिछले छह सालों से लगातार जीत हासिल कर रहे यूनिवर्सिटी कर्मचारी डेमोक्रेटिक फ्रंट का दावा था कि इस बार भी वह भारी मतों से जीतेंगे, लेकिन डेमोक्रेटिक इंप्लाइज फ्रंट ने बाजी मार ली।

पद : डेमोक्रेटिक इंप्लाइज फ्रंट : यूनिवर्सिटी कर्मचारी डेमोक्रेटिक फ्रंट प्रधान : हर¨वदर कौर-467—हरदीप ¨सह नागरा-415 सचिव : रजनीश भारद्वाज-480—मनप्रीत ¨सह-392 सीनियर उपप्रधान : हरपाल ¨सह-474—तेजवंत सिंह गिल-397 उपप्रधान : सुखवंत सिंह- 443—रेशम सिंह-423 ज्वाइंट सचिव : कंवलजीत कुमार-449—हरदीप सिंह-429 सचिव पब्लिक रिलेशन : सुखविंदर सिंह—448—प्रगट सिंह-419 कैशियर : मोहनदीप सिंह-444—रजिंदर कुमार-428 यह रहे जीत के कारण...

-डेमोक्रेटिक इंप्लाइज फ्रंट की ओर से लगातार कर्मचारियों से वादा किया जा रहा था कि अगर वह यूनियन की सत्ता में आते हैं तो पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करवाएंगे। -खाली पड़े पदों पर रेगुलर भर्ती करवाई जाएगी। -सीनियर सहायक, निगरान आदि की प्रमोशन दिलाई जाएगी। -आउटसोर्सिंग बंद करवाएंगे। -टाइम बाउंड प्रमोशन करवाई जाएगी। -सिक्योरिटी स्टाफ के प्रमोशन चैनल बनवा कर लागू करवाए जाएंगे। -पे-स्केल को लागू करवाने के लिए पंजाब सरकार से तालमेल किया जाएगा। -पंजाब की अन्य यूनिवर्सिटियों को साथ लेकर फेडरेशन को दोबारा से बहाल करवाया जाएगा। कोविड गाइडलाइन के बीच संपन्न हुआ चुनाव जीएनडीयू के लेक्चर थियेटर कंप्लेक्स में वो¨टग प्रक्रिया सुबह आठ बजे शुरु हो गई थी, जो शाम पांच बजे तक जारी रही।

वोट डालने आने वाले कर्मचारियों के लिए एक-दूसरे से दूरी बनाए रखने व मास्क पहन कर आने की भी घोषणा लगातार होती रही। कर्मचारियों ने भी हर एक गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन किया। वोटिग रूम में जाने से पहले कर्मचारियों के हाथ भी लगातार सैनिटाइज करवाए गए और वो¨टग रूम में हर एक मतदाता के लिए अलग-अलग से मोहर का इंतजाम किया गया था। वह डिब्बे से नई मोहर निकालता और मतदाता को देता। मतदान करने के बाद कर्मचारी खुद ही अपने हाथ की अंगुली पर स्याही भी लगा लेते थे।

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