जागरण संवाददाता, अमृतसर: श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व से पहले अलग-अलग स्थानों पर अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी है। वीरवार को एस्टेट विभाग की टीम और एसजीपीसी के एडिशनल मैनेजर बलदेव सिंह ने पुलिस पार्टी को साथ लेकर हेरिटेज स्ट्रीट, जलियांवाला बाग वाली साइड, लस्सी वाली मार्केट, ब्रह्म बूटा मार्केट और लंगर हाल के पीछे अखाड़ा बाबा श्री चंद वाली रोड पर कार्रवाई कर अवैध कब्जों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान दुकानों के बाहर बढ़ाकर लगाए गए सामान को जब्त किया गया। दरअसल, एसजीपीसी के अधिकारियों ने 9 अक्टूबर को जिला प्रशासन के साथ मीटिग की थी। इसी के तहत कार्रवाई कर कब्जों को हटवाया गया और जगह खाली करवा कर एजसीपीसी को दी गई। एस्टेट विभाग के अधिकारी धमेन्द्रजीत सिंह ने कहा कि अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने अपील कर कहा कि दुकानों के बाहर या फुटपाथ पर सामान लगाएं ताकि पैदल चलने वालों को परेशानी का सामना न करना पडे़। विरोध करने वालों के खिलाफ एफआइआर के लिए लिखकर भेजा

जब निगम की टीम अखाड़ा बाबा श्री चंद वाली रोड पर कार्रवाई कर रही थी तो मार्केट के कुछ दुकानदारों ने इसे रोकने की कोशिश की और विरोध भी किया। इतना ही नहीं एसजीपीसी और निगम के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस कारण निगम को इस रोड पर अपनी कार्रवाई को रोकना पड़ा। हालांकि इक्ठ्ठे हुए लोगों ने निगम की डिच को घेर लिया और उसे भी आगे नहीं बढ़ने दिया गया। ऐसे में सरकारी काम में दखलअंदाजी करने और कर्मचारियों के साथ गलत व्यवहार करने के आरोप में निगम की ओर से बब्बी ढाबे के मालिक गोपी, टकसाल की दुकान के मालिक, ब्रह्म बूटा मार्केट के सामने बाबा श्री चंद रोड की पहली दुकान के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए पुलिस कमिश्नर को लिखित में पत्र भेज दिया है।

दुकानदारों ने लगाया कार्रवाई में भेदभाव का आरोप

टीम की कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए विरोध किया और डिच को घेर लिया। मगर पुलिस ने मामले को संभाल लिया। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि निगम पिक एंड चूज की नीति पर काम करते हुए कुछेक पर ही कार्रवाई कर रही थी, जबकि कई लोगों की ओर से किए गए अतिक्रमण को नहीं हटाया जा रहा।

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