जागरण संवाददाता, अमृतसर : कोरोना वायरस की तीसरी लहर के संभावित खतरे को देखते हुए सिविल सर्जन डा. चरणजीत सिंह ने 13 टीमों का गठन किया है। यह टीमें प्रतिदिन स्कूलों में जाएंगी और कम से कम 300 विद्यार्थियों का कोरोना टेस्ट करेंगी। इसके साथ ही यह आदेश जारी किया गया है कि किसी भी विद्यार्थी को खांसी जुकाम है तो उसे स्कूल में न बुलाया जाए। डा. चरणजीत सिंह ने बताया कि सर्दी की दस्तक के साथ बच्चों को खांसी, जुकाम हो सकता है, पर महामारी काल में कोरोना का खतरा भी मंडरा रहा है। एक विद्यार्थी यदि संक्रमित हुआ तो वह कइयों को संक्रमण ग्रस्त बना सकता है। ऐसे में 13 टीमें बनाई गई हैं, जो विद्यार्थियों का सैंपल लेंगी। इसके अलावा जो अध्यापक खांसी जुकाम से पीड़ित हैं, उनका भी टेस्ट होगा। विद्यार्थियों को मास्क पहनकर आना अनिवार्य है। यह जिम्मेवारी स्कूल प्रिसिपल की होगी। स्कूलों में सैनिटाइजर रखे जाएं। कोरोना से बचाव के हर नियम का पालन किया जाए।

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