जागरण संवाददाता, अमृतसर : बिना टेंडर ही अपने चहेते निर्माण फर्मो को ठेके देने के खिलाफ कोआप्रेटिव निर्माण सोसायटियां मैदान में आ गई हैं। मामले को लेकर एक दर्जन के करीब निर्माण सोसायटियों ने पीडब्ल्यूडी के निगरान इंजीनियर को कार्यकारी इंजीनियर की ओर से अपनाई जा रही धक्काशाही के खिलाफ लिखित नोटिस जारी कर दिया है। चेतावनी दी है कि अगर दस दिनों के भीतर बिना टेंडर कुछ बड़ी फर्मो को जारी किए गए टेंडर रद्द न किए तो कोआप्रेटिव निर्माण सोसायटियां असीमित समय के लिए विभाग के उच्च अधिकारियों और विभाग के मंत्री के खिलाफ मोर्चा शुरू कर देंगे।

मामले की गंभीरता को मुख्य रखते हुए सहकारी निर्माण सभाओं की ओर से अपने वकील के माध्यम से एक कानूनी नोटिस भी विभाग के मुख्य सचिव, चीफ इंजीनियर और कार्यकारी इंजीनियर को भेज दिया है। सहकारी निर्माण सोसायटियों के प्रतिनिधियों दलबीर सिंह, सुखवंत सिंह, रत्न सिंह और बूटा सिंह ने बताया कि विभाग के कार्यकारी इंजीनियर निर्माण मंडल दो की ओर से टेंडर नोटिस नंबर तीन के तहत तीन तीन वार्डों का इकट्ठा काम अपनी चहेती बड़ी फार्मों को दे दिया गया है। जबकि अकेली अकेली वार्ड का काम जारी किया जाना था। अगर अकेली अकेली वार्ड का काम जारी किया जाता तो वह काम करोड़ों में न हो कर लाखों रुपयों में होना था।

इसके लिए 50 लाख रूपए तक के लिए सहकारी निर्माण सोसायटियां योग्य थी। सहकारी सोसायटियां काम न ले सके। इसके लिए तीन तीन , चार चार वार्डों का काम इकट्ठा करके अपने चहेती बड़ी फर्मो को काम अलाट कर दिया गया है। जो पूरी तरह नियमों के खिलाफ है।

सहकारी सोसाइटियों के इन नेताओं ने बताया कि काम के टेंडर 12 सितंबर को जारी किए गए थे। जिनको भरने की तिथि 23 सितंबर तय की गई थी। इसी तरीख को शाम को टेंडर खोले जाने थे। परंतु विभाग के कुछ अधिकारियो ने अपने लोगों को लाभ देने के लिए टेंडर खोलने की तिथि से पहले ही काम अपने चहेतों को दे दिए गए। एक केबिनेट मंत्री ने इस कामों के शुरू करने का उद्घाटन भी कर दिया। इसके समाचार सभी समाचार पत्रों में 17 सितंबर को ही प्रकाशित भी हो गए है।

उन्होंने कहा कि टेंडर नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर के चहेतों को अधिकारियों ने काम दे दिया है। जिस को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। इस के खिलाफ संगठनों की ओर से आंदोलन शुरू किया जाए। इसके लिए अधिकारियों को नोटिस जारी कर दिए गए है। उधर इंटरनेशनल ह्यूमन राइटस आर्गेनाइजेशन ने भी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सहकारी निर्माण सभाओं के आंदोलन में साथ देने का एलान किया है। संगठन के नेता सुखविदर सिंह ने कहा कि किसी भी कीमत पर देश की जनता का पैसा बरबाद नही होने दिया जाएगा।

Posted By: Jagran

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