जागरण संवाददाता, अमृतसर : चीफ खालसा दीवान (सीकेडी) की कार्यकारिणी कमेटी ने एक प्रस्ताव पारित किया है। इसके तहत दीवान के पूर्व अध्यक्ष चरणजीत सिंह चड्ढा के दीवान के कार्यालय और दीवान के प्रबंधों अधीन चलने वाले किसी भी संस्थान में प्रवेश पर पाबंदी लगाई है। कहा कि चड्ढा का दीवान के साथ अब किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है। चड्ढा न तो दीवान के किसी पद पर हैं और न ही अब दीवान के प्राथमिक सदस्य हैं। चड्ढा के दीवान के साथ संबंधित संस्थानों में प्रवेश पर पाबंदी लगाने के प्रस्ताव पारित करने संबंधी बैठक दीवान के अध्यक्ष निर्मल सिंह की अध्यक्षता में हुई।

दीवान की कार्यकारिणी और सदस्यों ने चड्ढा की ओर से कुछ दिन पहले जबरदस्ती दीवान के कार्यालय में प्रवेश करने की कोशिश की थी। जिस को लेकर निदा प्रस्ताव भी पारित किया गया। निर्मल सिंह ने कहा कि दीवान के सभी पदाधिकारियों ने एक मत होकर पक्ष रखा है कि सिख के सबसे अधिक पुराने संस्थान की छवि चड्ढा ने दीवान के एक स्कूल की प्रिसिपल के साथ अश्लील हरकतें करके धूमिल की है। इसलिए चड्ढा को दीवान के किसी भी संस्थान में प्रवेश करने पर पदाधिकारियों ने रोक लगाने पर सहमति दे दी है। इस मौके पर दीवान के पदाधिकारी भाग सिंह अणखी, सविदर सिंह कत्थूनंगल, अजीत सिंह बसरा, डा. इंद्रबीर सिंह निज्जर, अमरजीत सिंह बांगा, हरमिदर सिंह , चरणजीत सिंह तरनतारन, डा. जसविदर सिंह ढिल्लों, जसपाल सिंह ढिल्लों, हरजीत सिंह तरनतारन, गुरिदर सिंह, तरविदर सिंह चाहल, जतिदर सिंह भाटिया, इंद्रप्रीत सिंह आंनद, जतिदर सिंह भाटिया, मनमोहन सिंह, प्रो सूबा सिंह, प्रो हरि सिंह, अजायब सिंह अभियासी, रजिदर सिंह मरवाह आदि भी मौजूद थे।

दीवान को दी राशि भी लौटाने का लिया फैसला

चीफ खालसा दीवान की कार्यकारिणी कमेटी ने एक अन्य फैसला लेकर दीवान के पूर्व अध्यक्ष चरणजीत सिंह चड्ढा की ओर से दीवान को दी गई 51 हजार रुपये की राशि भी वापिस करने का फैसला लिया है। कार्यकारिणी में यह भी चर्चा हुई कि चड्ढा जब कुछ दिन पहले जबरदस्ती दीवान के कार्यालय आए तो उनकी ओर से दीवान के एक कर्मचारी को इस राशि का चैक दे दिया था जिस को भी कार्यकारिणी कमेटी ने अस्वीकार करके इस राशि को चड्ढा को वापिस करने का फैसला लिया है।

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