श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक हुए पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस, पदभार संभालने के बाद पहली बार पहुंचे अमृतसर
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा ने पदभार संभालने के बाद पहली बार श्री हरिमंदिर ...और पढ़ें

श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक हुए पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस। फोटो जागरण
HighLights
मुख्य न्यायाधीश अश्वनी मिश्रा का श्री हरिमंदिर साहिब में पहला दौरा।
शांति, खुशहाली और मानवता की चढ़दी कला के लिए अरदास की।
एसजीपीसी प्रतिनिधियों ने स्वागत किया, सिख विरासत की जानकारी दी।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा ने शुक्रवार शाम श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होकर अकाल पुरख का शुक्राना अदा किया। उन्होंने गुरु घर में माथा टेककर शांति, खुशहाली और समूची मानवता की चढ़दी कला के लिए अरदास की।
मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभालने के बाद न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा का यह श्री दरबार साहिब का पहला दौरा था। गुरु घर में नतमस्तक होने के बाद उन्होंने श्री दरबार साहिब के ऐतिहासिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रतिनिधियों ने मुख्य न्यायाधीश का स्वागत किया। उन्हें श्री हरिमंदिर साहिब में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए गए प्रबंधों, विभिन्न सेवाओं और गुरुघर की व्यवस्थाओं के बारे में अवगत करवाया गया। न्यायमूर्ति मिश्रा ने सिख धर्म की समृद्ध विरासत और श्री दरबार साहिब से जुड़े इतिहास के बारे में भी जानकारी ली।
समानता और सरबत के भले का संदेश
उन्होंने श्री हरिमंदिर साहिब की पवित्रता और ऐतिहासिक महत्ता के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि यह पावन स्थल समूची मानवता को शांति, सेवा, समानता और सरबत के भले का संदेश देता है। यहां से भाईचारे, सद्भावना और मानव कल्याण की प्रेरणा मिलती है।
इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती जतिंदर कौर, सीजेएम श्रीमती सुप्रीत कौर, सिविल जज श्री अमनदीप सिंह घुम्मण, अतिरिक्त आयुक्त जय इंदर सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
