जागरण संवाददाता, अमृतसर : एक्साइज एंड टैक्सेशन आफिसर (ईटीओ) लगवाने के नाम पर 62.40 लाख रुपये ठगने के आरोप में सी डिवीजन थाने की पुलिस ने राजबीर सिंह और उसके पिता रविदर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। एफआइआर में पुलिस ने धोखाधड़ी की धारा के साथ-साथ जालसाजी और फर्जी दस्तावेज बनाने की धाराएं भी शामिल की हैं। तरनतारन रोड स्थित नामधारी कंडा के पास रहने वाले विनोद अरोड़ा ने बताया कि आरोपित ने उन्हें ईटीओ का पहचान पत्र भी बनाकर दिया है। उधर, एएसआइ गुरजीत सिंह ने बताया कि आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है।

विनोद ने पुलिस को बताया कि आरोपित राजबीर उनके घर के नजदीक चौक जय सिंह के पास ही रहता है। कुछ साल पहले आरोपित ने उन्हें बताया कि उसके कई सरकारी विभागों में अच्छी पहुंच है। वह कई लोगों को सरकारी नौकरी पर लगवा चुका है। आरोपित राजबीर सिंह और उसके पिता रविदर सिंह ने उन्हें बताया कि वह उन्हें ईटीओ लगवा सकता है। इसके लिए उन्हें 70 लाख रुपये का बंदोबस्त करना होगा, लेकिन बाद मे मामला 62.40 लाख रुपये में तय हो गया था।

विनोद ने बताया कि उसका बड़ा भाई नरिदर कुमार कनफेक्शनरी की दुकान चलाता है। दोनों ने मिलकर उक्त राशि का बंदोबस्त किया और आरोपित बाप-बेटे को दे दिए। पैसे लेने के बाद आरोपितों ने उनके साथ टालमटोल शुरू कर दिया। जब उन्होंने दबाव बनाने और पैसे लौटाने की बात कही तो आरोपितों ने ईटीओ का पहचान पत्र बनवाकर उसके हवाले कर दिया। मगर किसी जगह पर तैनाती नहीं करवाई। पीड़ित ने जब अपने स्तर पर उक्त विभाग में जाकर अपनी पोस्टिंग के बारे में पूछा तो पता चला कि वह पहचान पत्र नकली है। कई सुबूत हैं राजबीर के खिलाफ

जांच में सामने आया है कि नौकरी दिलाने को लेकर पुलिस ने आरोपित राजबीर और उसके पिता के खिलाफ कई सुबूत जुटाए हैं। फर्जी पहचान पत्र के अलावा कई वीडियो और अन्य दस्तावेज भी पुलिस के हाथ लगे हैं। आरोपित राजबीर सिंह ने अपना भी एक्साइज एंड टेक्सेशन विभाग में बतौर इंस्पेक्टर का फर्जी पहचान पत्र बना रखा है।

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