नितिन धीमान, अमृतसर : सिविल अस्पताल में कार्यरत एनेस्थीसिया डा. ईरा बजाज पर आरोप तय हो गए हैं। आपरेशन थिएटर में एक महिला को एनेस्थीसिया बेहोशी का इंजेक्शन लगाने वाली डा. ईरा बजाज पर आरोप है कि उनकी गलती से मरीज की मौत हो गई थी। इस मामले में स्वजनों ने सिविल सर्जन डा. चरणजीत सिंह को शिकायत की थी। सिविल सर्जन ने जांच के लिए डाक्टरों पर आधारित मेडिकल बोर्ड का गठन किया था। मेडिकल बोर्ड ने मृतका के स्वजनों पर डा. ईरा बजाज के बयान कलमबंद करने के बाद रिपोर्ट तैयार कर सिविल सर्जन को सौंपी है। इसमें डा. ईरा को कसूरवार बताया गया है।

दरअसल, इसी वर्ष मार्च में सिविल अस्पताल के आपरेशन थिएटर में आशा नामक एक सरकारी कर्मचारी की मौत हुई थी। आशा सरकारी स्कूल में दर्जा चार कर्मचारी के रूप में कार्यरत थीं। उनकी बाजू में फ्रेक्चर था। स्वजनों का आरोप है कि एनेस्थीसिया डाक्टर ईरा बजाज ने जैसे ही उन्हें बेहोशी का इंजेक्शन लगाया, उनकी हृदय गति बढ़ गई और सांस फूलने लगी। आनन-फानन में डाक्टरों ने उसे गुरुनानक देव अस्पताल रेफर कर दिया, पर उनकी मौत हो गई। स्वजनों ने एसएमओ को लिखित शिकायत देकर जांच की मांग की थी। एसएमओ डा. चंद्रमोहन ने दो एनेस्थीसिया डाक्टरों व एक मेडिसिन स्पेशलिस्ट पर आधारित कमेटी बनाकर जांच का आदेश दिया था। हालांकि एनेस्थीसिया डाक्टर बार-बार बुलाने पर भी जांच कमेटी के सम्मुख प्रस्तुत नहीं हुई। इसके बाद एसएमओ ने उनसे बात कर जांच में शामिल होने को कहा था। दोनों पक्षों के बयान कलमबंद करने के बाद मेडिकल बोर्ड इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि महिला की मौत के मामले में डा. ईरा बजाज पर लगाए गए आरोप सिद्ध हो रहे हैं। लिहाजा मेडिकल बोर्ड ने रिपोर्ट तैयार कर सिविल सर्जन को सौंपी है। सिविल सर्जन डा. चरणजीत सिंह ने कहा कि रिपोर्ट चंडीगढ़ भेजी गई है। डा. ईरा बजाज पर आरोप साबित हुए हैं। उनके खिलाफ विभाग को कड़ी कार्रवाई के लिए लिखा गया है।

तरसिक्का में थी ड्यूटी, सिविल अस्पताल क्यों आई?

डा. ईरा बजाज पर यह भी आरोप थे कि उनकी ड्यूटी तरसिक्का स्थित स्वास्थ्य केंद्र में थी। इसके बावजूद वह सिविल अस्पताल आईं और आशा को एनेस्थीसिया दिया। उन्होंने ऐसा क्यों किया यह अभी स्पष्ट नहीं है, पर माना जा रहा है कि अस्पताल के एक डाक्टर ने उन्हें बुलाया था। कोरोना संक्रमित डा. ईरा ने एक अन्य मरीज को दिया था एनेस्थीसिया

डा. ईरा बजाज पर कई बार आरोप लगे हैं। अप्रैल 2021 में वह कोरोना संक्रमित हुईं। इसके बावजूद अस्पताल आकर उन्होंने आपरेशन थिएटर में एक मरीज को एनेस्थीसिया दिया था। मरीज की आर्थो सर्जरी के वक्त भी डा. ईरा आपरेशन थिएटर में रहीं। इसकी जानकारी स्टाफ ने एसएमओ को दी। एसएमओ ने डा. ईरा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

दरअसल, 25 अप्रैल, 2021 को डा. ईरा ने कोविड टेस्ट करवाया और पाजिटिव रिपोर्ट सिविल अस्पताल प्रशासन को जमा करवा दी। इसके बाद उन्होंने खुद को क्वारंटाइन करने की बात कही। नियमानुसार अस्पताल प्रशासन ने उन्हें क्वारंटाइन होने को कह दिया था। इसके बावजूद वह सिविल अस्पताल आईं और आपरेशन थिएटर में चली गईं। मामले की जानकारी जब अस्पताल प्रशासन को लगी तो उन्होंने डा. ईरा को फोन कर जवाब मांगा। अस्पताल प्रशासन यह साफ कर चुका है कि डा. ईरा बजाज की मानसिक स्थिति ठीक नहीं।

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