जासं, अमृतसर: हालमार्किग को लेकर केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए नए नियमों पर स्वर्णकार संघ ने कड़ा विरोध जाहिर किया है। इसके तहत दो ग्राम से ऊपर सोने पर हालमार्किग जरूरी है। अगर गलत तरीके से हालमार्किग पाई जाती है तो उसके लिए स्वर्णकार को जिम्मेदार ठहराते हुए जुर्माना और सजा का प्रावधान रखा गया है। इसी कारण स्वर्णकार संघ विरोध जता रहा है। उनका कहना है कि सोने की हालमार्किग के लिए सरकार ने ही लाइसेंस देकर सेंटर खुलवाए हैं। इसलिए सेंटर की ही इसके लिए जिम्मेदारी तय करनी चाहिए न कि स्वर्णकार या फिर लेबर का काम करने वालों को।

हीरा मार्केट स्वर्णकार संघ ने वीरवार को इस मामले को लेकर मीटिग की। इस दौरान प्रदेश प्रधान अश्वनी कुमार नामेशाह ने कहा कि वह हालमार्क सेंटर वाले सोने की जांच-परख करने के बाद उस पर मार्किग करते हैं। स्वर्णकार उन्हीं के विश्वास पर सोना खरीदते हैं और बेचते हैं। यह सेंटर सरकार की ओर से मंजूरशुदा है। अगर सेंटर पर ही कोई गोलमोल होता है तो उसके लिए स्वर्णकार कैसे जिम्मेदार हो सकते हैं। वह खुद चाहते है कि हालमार्किग होनी चाहिए जिससे कि लोगों का विश्वास बना रहे। हीरा मार्केट, चौक चौरस्ती अटारी और गुरु का महल के पास है सेंटर

नामेशाह ने बताया कि शहर में हालमार्किग करने वाले तीन सेंटर हैं। इनमें एक हीरा मार्केट, चौक चौरस्ती अटारी और गुरु का महल के पास है। सोने की शुद्धता की जांच करने वाली मशीन करीब 40 लाख रुपये की आती है। सोने की जांच करने के लिए सेंटर वाले 35 रुपये प्रति पीस के भी चार्ज करते हैं और उसके बाद ही मार्किग करते हैं। सजा का प्रावधान ठीक नहीं, इसे वापस लिया जाए

अश्वनी कुमार ने कहा कि वह कोई अपराधी नहीं है। बल्कि साफ ढंग व पारदर्शिता से अपना कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में उनके लिए सजा का प्रावधान रखा जा रहा है। वह भी बिना उनकी गलती के। इसलिए वापस लेना चाहिए। इस मौके पर महासचिव रवि कांत, कैशियर पंकज चौहान, मनमोहन सिंह डिपल, लखबीर सिंह लक्खा, राजा सिंह, राजकुमार चौहान, रजिदर कुमार जज, दर्शन सिंह, जसवाल सिंह जस्सा, विजय कुमार चौहान मौजूद थे।

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