जागरण संवाददाता, अमृतसर: ईट भट्ठा व निर्माण वर्करों ने मांगों को लेकर हिद मजूदर सभा की ओर से शहर में रोष मार्च निकाला। इससे पहले संगठन के मजदूरों ने भंडारी पुल पर श्रम विभाग की नीतियों के खिलाफ धरना दिया।

हिद मजदूर सभा के हरभजन सिंह सिद्धू और भट्ठा मजदूर सभा के कुलवंत सिंह बावा ने कहा कि वर्करों के न्यूनतम वेतन को लेकर सरकार और श्रम विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहा है। यह मामला पिछले आठ वर्षो से लटका हुआ है। सभी विभागों में ठेकेदारी सिस्टम को खत्म किया जाए। निर्माण वर्करों की पेंशन 5000 रूपय प्रति माह की जाए। घरेलू मजदूरों का पंजीकरण विभाग शुरू करे। मृतक वर्करों के परिवारों के लिए एक्स ग्रेशिया राशि दो लाख से बढ़ा कर पांच लाख की जाए। इस दौरान सुलखन सिंह, अकविदर कौर, कुलवंत कौर, शौकत मसीह, राजीव शर्मा, भूपिदर सिंह ढिल्लों, परमजीत कौर, केवलजीत सिंह, राजिदर सभ्रवाल और सतनाम सिंह आदि ने भी संबोधित किया। मंदिरों की तोड़फोड़ के विरोध में प्रदर्शन करने का फैसला

श्री दुग्र्याणा कमेटी ने मंदिरों की हो रही तोड़फोड़ के विरोध में प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। इसको लेकर कमेटी ने संत समाज, हिदू संगठनों, धार्मिक संस्थाओं व आम लोगों से अपील की है कि वो 23 अक्टूबर को श्री दुग्र्याणा तीर्थ में एकत्रित होकर बांग्लादेश, पाकिस्तान और जम्मू कश्मीर में हिदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें।

श्री दुग्र्याणा कमेटी के प्रधान एडवोकेट रमेश शर्मा और महामंत्री अरुण खन्ना ने बताया कि हिदू समाज को एक मंच पर एकत्रित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जिस तरह हिदू समाज पर जुल्म किया गया है और मंदिरों की तोड़फोड़ की गई है, उसके विरोध में 150 देशों में एक साथ प्रदर्शन करने की रूपरेखा बनाई गई है। जनता शाम चार बजे श्री दुग्र्याणा तीर्थ परिसर में पहुंचेगी। 4:30 बजे सभी लोग यहां से चलकर भंडारी पुल में शाम पांच बजे पहुंचेंगे। वहां सात तक संकीर्तन और प्रदर्शन किया जाएगा।

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