हरीश शर्मा, अमृतसर : बीआरटीएस प्रोजेक्ट को शुरू हुए दो साल से ज्यादा का समय हो गया है। मगर जैसे-जैसे समय व्यतीत हो रहा है और बसों की हालत बदतर होती जा रही है और इसकी मैंनटेनेंस पर किसी भी तरह का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मौजूदा समय में बसों के अंदर लगे डिस्पले मीटरों की बैटरी गुल हो चुकी है। मीटर कई महीनों से खराब पड़े हैं और इन्हें ठीक करवाने के लिए पंजाब बस मैट्रो सोसायटी ने कभी गंभीरता दिखाने की जरूरत नहीं समझी। दूसरी तरफ विभाग के अधिकारी इनसे पूरी तरह से अंजान हैं क्योंकि बसों की मैनटेनेंस का काम एक निजी कंपनी के पास है। गौर हो कि करीब 650 करोड़ रुपये खर्च कर पूरा प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। शहर के अलग-अलग रूटों पर कुल 84 बसें चल रही है। कंपनी से जवाब होगा तलब

प्रोजेक्ट के एजीएम अनिल कुमार का कहना है कि उन्हें इस बारे जानकारी नहीं थी। वह खुद सोमवार को जाकर सभी बसों का जायजा लेंगे और चेक करेंगे। इसके साथ ही जो कंपनी बसों की मैंनटेनेंस करती है, उनके भी अधिकारियों को बुलाकर इस पर जवाब मांगा जाएगा। यात्रियों को हो रही परेशानी

बसों में यात्रियों की सुविधा के लिए डिजीटल डिस्पले मीटर लगाए गए थे। ताकि उन्हें पता चल सके कि कौन सा स्टापेज आ रहा है। यहां तक कि अलग-अलग रूट पर जाने वाली बसों के अलग-अलग नंबर भी डिस्पले होते रहते थे ताकि यात्रियों को कोई परेशानी न हो। अब डिस्पले मीटर खराब होने के कारण बसों के नंबर भी पता नहीं चलते। ऐसे में बस कर्मियों ने खुद ही कागज पर नंबर लिखकर चिपका दिए। वह भी अब उतरने शुरू हो गए हैं।

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