जागरण संवाददाता, अमृतसर

सीआइए स्टाफ की पुलिस ने शहर में हेरोइन तस्करी का कारोबार करने के आरोप में तरनतारन निवासी सरबजोत ¨सह उर्फ जोटा को गिरफ्तार किया है। आरोपित के कब्जे से 300 ग्राम हेरोइन और एक 30 बोर का पिस्तौल बरामद कर एनडीपीएस एक्ट और अस्लाह एक्ट में केस दर्ज कर लिया है। डीसीपी जगमोहन ¨सह ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।

सीआइए स्टाफ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में डीसीपी इनवेस्टीगेशन जगमोहन ¨सह ने बताया कि सूचना मिली थी कि तरनतारन के ढालेके गांव निवासी सरबजोत ¨सह उर्फ जोटा अमृतसर में हेरोइन की सप्लाई देने पहुंच रहा है। इसी आधार पर इंस्पेक्टर व¨वदर महाजन की अगुवाई और एएसआई सुशील कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम ने गेट हकीमां इलाके में नाकाबंदी कर दी। संदिग्ध परिस्तिथियों नें बाइक पर सवार एक युवक को आते देख पुलिस ने रोकना चाहा तो वह वापस भाग गया। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने सरबजोत उर्फ जोटा को धर लिया। तलाशी के दौरान आरोपित के कब्जे से 300 ग्राम हेरोइन और पिस्तौल बरामद कर ली। पूछताछ में पता चला कि आरोपित बार्डर के साथ सटे इलाके में रहता है और उसके पाकिस्तानी तस्करों से संबंध रखने वाले भारतीय तस्करों से सीधे संबंध हैं। वह पिछले दस साल से हेरोइन तस्करी का कारोबार कर रहा था। लेकिन पुलिस की नजर आरोपित जोटा पर नहीं पड़ी। पता चला है कि डेढ़ साल पहले तरनतारन पुलिस ने सात ग्राम हेरोइन संग सरबजोत ¨सह उर्फ जोटा को गिरफ्तार किया था। जमानत पर छूटने के बाद उसने दोबारा हेरोइन तस्करी का कारोबार शुरू कर दिया।

इस तरह हुई पुलिस की कसरत

कद काठी से पहलवान की तरह दिखने वाला सरबजोत ¨सह उर्फ जोटा पुलिस टीम को आधा घंटा अपने पीछे भगाया। आरोपित भराड़ीवाल, फतेह ¨सह कालोनी और जेल के पास गलियों में दौड़ता रहा और पुलिस टीम उसके पीछे। बताया जा रहा है कि जब पुलिस ने उसे काबू किया तो वह एएसआई सुशील कुमार के साथ काफी देर तक भिड़ता रहा। इस बीच आरोपित ने कई बार पिस्तौल निकालने का भी प्रयास किया। लेकिन एएसआई सुशील की चतुराई के चलते उसकी पिस्तौल डब से निकलकर जमीन पर गिर गई। इस बीच पुलिस टीम के अन्य सदस्य भी पहुंच गए और जोटा को घेर लिया गया।

Posted By: Jagran