जासं, अमृतसर : कोरोना के साथ-साथ अब ब्लैक फंगस ने तेजी से लोगों को चपेट में लेना शुरू कर दिया है। मंगलवार को गुरु नानक देव अस्पताल में ब्लैक फंगस के तीन और मरीज रिपोर्ट हुए। ये तीनों जिले के ही रहने वाले हैं। वहीं इस दिन ब्लैक फंगस म्यूकरमायकोसिस से पीड़ित एक और कोरोना संक्रमित की जिंदगी बचाने के लिए उसकी एक आंख निकालनी पड़ी। यह मरीज भी गुरु नानक देव अस्पताल में उपचाराधीन है। उसके साइनस तक फंगस जा चुका था और दिमाग तक पहुंचने की संभावना थी। लिहाजा उसकी आंख निकाल दी गई है। इस तरह अब तक छह मरीजों की एक-एक आंख निकाली जा चुकी है। अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डा. केडी सिंह के अनुसार म्यूकरमायकोसिस एक ऐसी बीमारी है जिससे इंसान की आंखों की रोशनी चली जाती है। यह फंगस दिमाग तक न पहुंचे, इसलिए आंख निकालनी पड़ती है। निकट भविष्य में ये मरीज कास्मेटिक सर्जरी करवाकर कृत्रिम आंख बनवा सकते हैं। इससे पूर्व इसी अस्पताल में पांच मरीजों की आंख निकालनी पड़ी है। इधर, जिले में ब्लैक फंगस के 47 केस रिपोर्ट हो चुके हैं। इनमें से एक्टिव केस 36 हैं।

मंगलवार को पांच महिलाओं सहित छह की मौत, 102 पाजिटिव आए

कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम हो रही है। मंगलवार को जिले में 102 पाजिटिव रिपोर्ट हुए, जबकि छह की मौत हो गई। जून महीने में कोरोना की चाल सुस्त हुई है। राहत भरी बात यह है कि रिकवरी रेट तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को 172 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। वहीं जिले के 38 वैक्सीन सेंटरों में मंगलवार को 3197 लोगों को टीका लगा। इनमें निजी वैक्सीन सेंटरों में 78, जबकि सरकारी में 3119 लोगों का टीकाकरण हुआ।

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