जागरण संवाददाता, अमृतसर. तरनतारन : इंश्योरेंस क्लेम की राशि के लिए नौकर की हत्या करने के मामले में नया मोड़ आया है। पता चला है कि अनूप सिंह ने सिर्फ 36 लाख का बीमा करा रखा था। साथ ही उस पर 75 लाख रुपये कर्ज भी था। कर्ज से मुक्ति पाने और 36 लाख का क्लेम लेने के लिए ही उसने कुछ दिन पहले काम पर रखे नौकर को मार डाला और खुद की हत्या का ड्रामा रचा। तरनतारन पुलिस ने उसे ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया है। उधर, आरोपित के भाई करणजीत सिंह को शनिवार को अदालत ने पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। मामले में अभी तीसरे आरोपित काका करण को काबू करना बाकी है।

एसपी जगजीत सिंह वालिया ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि कुछ महीने पहले अमृतसर के गेट हकीमा इलाके में रहने वाले कोल्ड ड्रिक कारोबारी के षड्यंत्र रचा था कि अगर वह अपनी मौत का ड्रामा रचे तो वह आसानी से 36 लाख रुपये की इंश्योरेंस का क्लेम हासिल कर सकता है। इसके लिए उसने अपने भाई करण, नौकर काका और पिता तरलोक सिंह को भी शामिल कर लिया। काका ने कुछ दिन पहले ही बब्बा नाम के एक भिखारी को अनूप की फैक्ट्री में काम पर रखा था। घटना वाले दिन अनूप सिंह नौकर काका और फैक्ट्री में रखे बब्बा को कार में बैठा कर तरनतारन के हरिके पतन की तरफ रवना हो गए। बूह गांव में जाकर आरोपितों ने बब्बा को पहले शराब पिलाई और फिर गंडासी से हत्या कर दी। इस बीच करण पीछे से अन्य कार में सवार होकर बूह गांव में पहुंच गया था। आरोपितों ने वहां मिलकर बब्बा के शव को जला दिया और फरार हो गए। पुलिस ने अनूप सिंह और काका के खिलाफ हत्या और शव खुर्दबुर्द करने के आरोप में मामला दर्ज किया है जबकि करण के खिलाफ षड्यंत्र रचने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। एसपी वालिया ने बताया कि आरोपितों के पिता तरलोक सिंह से पूछताछ की जा रही है। तरलोक सिंह के खिलाफ मामले उलझाने और पुलिस को बार-बार स्टेटमेंट बदल कर गुमराह करने का मामला दर्ज किया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि बीमा की रकम मिलने के बाद अनूप सिंह आस्ट्रेलिया फरार होने के चक्कर में था।

Posted By: Jagran

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