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ISI हैंडलर ने हथियार तस्कर रंजन चौहान को अमेरिका में बसाने का दिया था लालच, पंजाब पुलिस के सामने किए कई खुलासे 

Published: Tue, 29 Sep 2026 06:03 AM (IST)

आइएसआइ के इशारे पर हथियार और नशे की तस्करी करने वाले रंजन चौहान को विदेशी हैंडलर ने अमेरिका में बसाने ...और पढ़ें

ISI हैंडलर ने हथियार तस्कर रंजन चौहान को अमेरिका में बसाने का दिया था लालच। सांकेतिक फोटो

ISI हैंडलर ने हथियार तस्कर रंजन चौहान को अमेरिका में बसाने का दिया था लालच। सांकेतिक फोटो 

HighLights

  1. आइएसआइ हैंडलर ने रंजन को अमेरिका में बसाने का प्रलोभन दिया।

  2. पुलिस रिमांड में रंजन ने गिरोह के कई राज उजागर किए।

  3. नाबालिगों को सीमा पार तस्करी में शामिल करने का खुलासा।

जागरण संवाददाता, अमृतसर। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के इशारे पर हथियार और नशे की तस्करी करने वाले रंजन चौहान को विदेशी हैंडलर ने प्रलोभन दिया था कि वह उसे जल्द अमेरिका सेटेल करवा देगा। क्योंकि हथियारों और हेरोइन को ठिकाने लगाने को लेकर रंजन की रफ्तार अन्य तस्करों की तुलना में काफी तेज थी।

आरोपित रंजन को कोर्ट ने दो दिन के पुलिस रिमांड में भेजा है। पूछताछ में आरोपित ने कई राज खोले हैं। पता चला है कि सोमवार को भी आरोपित को जेआइसे (ज्वाइंट इंटेरोगेशन सेंटर) में पूछताछ होती रही। आरोपित के कब्जे से मिले मोबाइल की फोरेंसिक जांच चल रही है।

पुलिस के एक बड़े अफसर ने बताया कि रंजन के गिरोह में बीस से ज्यादा सदस्य सक्रिय थे, लेकिन उसकी गिरफ्तारी का राजफाश होते ही सभी भूमिगत हो चुके हैं। जांच में सामने आया है कि विदेशी हैंडलर ने उसे लक्ष्य दिया था कि वह भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक बड़ टीम को सक्रिय करे जो उसके एक इशारे पर हेरोइन और हथियारों की बड़ी खेप उठाकर सुरक्षित अपने पास रख ले। इस टीम में ज्यादा से ज्यादा नाबालिगों को भर्ती कराने के बदले में मोटी रकम की बात भी सामने आई है।

जांच में सामने आया है कि सात सितंबर को पड़े गए दीपक सिंह और शुभम सिंह इस गिरोह में रंजन चौहान के सबसे तेज और शातिर गुर्गे थे। दीपक तो यहां तक राज खोल चुका है कि वह सप्ताह में दो से तीन बार बार्डर पर से हथियारों और हेरोइन की खेप उठाने जाया करता था। दीपक और शुभम को पंद्रह पिस्तौल और पांच किलो हेरोइन के साथ काबू किया जा चुका है।

भुगतान को लेकर कारोबारियों से जुड़ रहे तार

जांच में पता चला है कि दीपक और शुभम कई बार खेप ठिकाने लगा चुके हैं। उन्हें इसके बदले में भुगतान भी किए जा चुके हैं। पता चला है कि इनमें से कुुछ भुगतान पुराने कारोबारियों के जरिए हवाला सिस्टम से करवाए हैं। अभी पुलिस रंजन से पूछताछ कर रही है कि वह अपने गुर्गों को किस तरीके से भुगतान करवा रहा था।