जागरण संवाददाता, अमृतसर

20 फरवरी को 'दैनिक जागरण' की ओर से आयोजित'पंजाब फूड फेस्टिवल'के मंच से लाहौर की तर्ज पर अमृतसर में फूड स्ट्रीट बनाने की घोषणा करने वाले मुख्यमंत्री कैप्टन अम¨रदर ¨सह ने इसे सरअंजाम तक पहुंचाने की रूपरेखा तैयार कर ली है। पंजाब सरकार ने गुरु नगरी को उत्तर भारत की'पर्यटन राजधानी'बनाने का निर्णय लिया है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए 590 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। राशि का एक हिस्सा टाउन हाल में बनने वाली फूड स्ट्रीट पर खर्च होगा। यह जानकारी स्थानीय निकाय व पर्यटन मंत्री नवजोत ¨सह सिद्धू ने रविवार को वॉर मेमोरियल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी।

सिद्धू ने कहा कि पर्यटन राजधानी के विकसित होने पर गुरु नगरी आने वाले पर्यटक एक सप्ताह तक अमृतसर व आसपास के इलाकों में भ्रमण कर सकेंगे। मुगलकाल व सिख काल की ऐतिहासिक इमारतों को देखकर पंजाबी विरसे को समझेंगे। श्री हरिमंदिर साहिब के नजदीक स्थित टाउन हाल में लाहौर की तरह ही फूड स्ट्रीट बनाई जाएगी।

फूड स्ट्रीट में ज्ञानी की चाय, आहूजा की लस्सी, कान्हा की पूड़ी, गुरदास की जलेबियां सहित 140 प्रकार के व्यंजन पर्यटकों के लिए परोसे जाएंगे। यहां पांच कमरे बनाए जाएंगे, जहां पंजाब की सभ्यता एवं संस्कृति की प्रतीक वस्तुएं रखी जाएंगी। जंडियाला गुरु की प्राचीनतम ठठेरा कला के बर्तन, फुलकारी, देसी जुत्ती व पंजाब से जुड़े परंपरागत वस्तुएं पर्यटकों के लिए प्रदर्शित की जाएंगी। गुरु नगरी में नए होटल बनाए जाएंगे, जहां पर्यटकों को प्रतिदिन 1000 से 1500 रुपये में ठहरने की सुविधा मिलेगी। सिद्धू ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इंटरनेशनल टूर आयोजित किए जाएंगे। कनाडा, अमेरिका, यूके, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया इत्यादि देशों में रहने वाले पंजाबियों को पंजाब में आमंत्रित करेंगे। इन्हें पंजाब के ऐतिहासिक स्वरूप के दर्शन करवाए जाएंगे, ताकि ये वापस लौटकर अपने देश में रहने वाले लोगों के बीच पंजाब की ब्रां¨डग कर सकें। सात दिन तक पर्यटक देखेंगे पंजाबियत की झलक

सिद्धू ने कहा कि गुरु नगरी में आने वाले लोगों को सात दिन तक पंजाब की सभ्यता, संस्कृति एवं प्राचीन धरोहरों की झलक दिखलाई जाएगी। इसके लिए विशेष तौर पर टूर ऑपरेटर नियुक्त होंगे। सात दिनों के प्लान के लिए 18 डेस्टिनेशन चिन्हित किए गए हैं। पर्यटक के आने पर पहले दिन उसे श्री हरिमंदिर साहिब, श्री दुग्र्याणा तीर्थ, रामतीर्थ, जलियांवाला बाग के दर्शन करवाए जाएंगे। इसके बाद रात्रिभोज गो¨बदगढ़ फोर्ट में दिया जाएगा। दूसरे दिन वॉर मेमोरियल, ऐतिहासिक पुल मोरां व अटारी सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी दिखाई जाएगी। इसके बाद पर्यटक इसी दिन हवेली में खाना खाएंगे। तीसरे दिन हरिके पत्तन में वाटर स्पो‌र्ट्स का आनंद लेंगे। सिद्धू ने कहा कि वाटर स्पो‌र्ट्स सात महीने करवाई जाएगी, क्योंकि जब यहां पक्षियों का आगमन होगा तो इसे बंद करना पड़ेगा। गुरु नगरी के साथ कपूरथला को कनेक्ट किया जाएगा। कपूरथला का दरबार हॉल व‌र्ल्ड क्लास होटल में परिवर्तित किया जाएगा। साइंस सिटी और जंग-ए-आजादी भी टूरिस्ट देख पाएंगे। इसके अतिरिक्त शहीद भगत ¨सह के जन्म स्थान खटकड़ कलां को कनेक्ट करते हुए कलानौर तक पर्यटकों को पहुंचाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को सरअंजाम तक पहुंचाने के लिए दो कंसल्टेंट हाउस हायर किए गए हैं, जिनमें आभा नारायण लाम्बा व डेबिन मूजा शामिल हैं। रामबाग पर खर्च होंगे दस करोड़

गुरु नगरी के ऐतिहासिक रामबाग को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पर पांच से दस करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी तरह टाउन हाल में स्थित पार्टिशन म्यूजियम के पीछे स्थित खाली जगह को बुटीक होटल में परिवर्तित किए जाने की योजना है। यहां स्थित रामगढि़या स्कूल की मैनेजमेंट को सरकार ऑफर देगी कि वे किसी अन्य जगह शिफ्ट हो जाएं। उन्हें इसके बदले में दोगुनी जगह दी जाएगी। सिद्धू ने कहा कि यदि मैनेजमेंट न मानी तो भी यहां टूरिस्ट प्लेस बनाया जाएगा। अपराधियों पर नजर रखेंगे सीसीटीवी कैमरे

अमृतसर में आने वाले पर्यटक चेन स्नै¨चग या किसी भी तरह की आपराधिक घटना का शिकार न हों, इसके लिए सरकार चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगाएगी। सिद्धू ने कहा कि भारत स्विटरजलैंड, दुबई सहित कई देशों में टूरिस्टों को अतिथि देवो भव की संज्ञा दी जाती है। दुबई में तो चोरी करने वालों के हाथ तक काट दिए जाते हैं। वहीं स्विटजरलैंड में चोरी करने वाले शख्स को चंद घंटों में गिरफ्तार कर लिया जाता है। पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित होने पर गुरु नगरी में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।

पंजाब में कई ऐतिहासिक धरोहरें

आभा नारायण लाम्बा ने कहा कि आमतौर पर लोग पंजाब को कृषि व खाने—पीने की वस्तुओं के कारण जानते हैं, लेकिन यहां ऐतिहासिक धरोहर हैं जिनकी सिर्फ मार्के¨टग करनी होगी। यहां मुगल सराय है, जिन्हें विकसित किया जा रहा है। पंजाब का सूफी कलाम मशहूर है, जिसमें बाबा फरीद व बुल्लेशाह के कलाम शामिल हैं। फरीदकोट, ब¨ठडा, मलेरकोटला में सूफी दरगाहें हैं कि जिन्हें टूरिस्ट देखते देखते थक जाएंगे। फरीदकोट, पटियाला, संगरूर में महाराजाओं के महल हैं, जिन्हें खूबसूरत बनाया जा रहा है। पर्यटन विभाग के सचिव विकास प्रताप ने कहा कि गुरु नगरी को पर्यटन राजधानी बनाने के लिए जहां कहीं जरूरत पड़ेगी, पब्लिक- प्राइवेट-पार्टनरशिप के तहत समझौता भी किया जाएगा। ऐतिहासिक स्थलों का लिया जायजा

इससे पूर्व सिद्धू ने अधिकारियों के साथ श्री हरिमंदिर साहिब, हेरिटेज स्ट्रीट, जलियांवाला बाग, श्री दुग्र्याणा मंदिर, पार्टिशन म्यूजियम, वॉर मेमोरियल, अटारी सीमा पुल कंजरी का दौरा किया। सिद्धू ने कहा कि अमृतसर और इसके साथ लगते क्षेत्रों में 18 स्थान हैं जिन्हें पर्यटन के रूप में विकसित किया जा सकता है। इस मौके पर पर्यटन विभाग के सचिव विकास प्रताप ¨सह, डायरेक्टर शिवदुलार ¨सह, सहायक डिप्टी कमिश्नर रविन्द्र ¨सह उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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