अमृतसर, जागरण संवाददाता : बार्डर एक दिन जी नहीं पाया। जिंदगी से जंग में वह हार गया। पाकिस्तान से आए हिंदू जत्थे में शामिल महिला की कोख से जन्मे बार्डर की सांसों की डोर टूट गई। दरअसल, जत्थे के साथ आई डेला नामक महिला को बीते सोमवार को प्रसव पीड़ा हुई थी। ऐसे में उसे सिविल अस्पताल दाखिल करवाया गया। यहां डाक्टरों ने डिलीवरी की प्रक्रिया पूरी की, पर बच्चे ने कोख में ही शौच कर दिया था और गंदगी उसके नाक के जरिए गंदगी उसके फेफड़ों में चली गई परिणामस्वरूप जन्म के कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।

भारत-पाक सीमा पर पैदा हुआ बच्चा 

डेला के पति केला राम पाकिस्तान के सिंध प्रांत के रहने वाले हैं। उनके अनुसार चौदह लोगों का जत्था सोमवार को अटारी सीमा के रास्ते भारत आया था। हम सभी राजस्थान के जोधपुर में रहने वाले रिश्तेदारों से मिलने आए थे। अटारी सीमा पार करते ही डेला को प्रसव पीड़ा होने लगी। हम उसे सिविल अस्पताल ले आए। यहां डेला ने बेटे को जन्म दिया। चूंकि डेला को अटारी सीमा पर प्रसव पीड़ा हुई थी, इसलिए हमने उसका नाम बार्डर रखा पर होनी को कुछ और मंजूर था। मंगलवार सुबह बच्चे की सांसें असामान्य हो गईं। डाक्टरों ने उसे मशीन पर रखा था, पर उसकी मौत हो गई। कैलाश ने कहा कि अभी डेला को इस बात की जानकारी नहीं दी गई है।

टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे डेला व उसका पति 

सिविल अस्पताल की गायनी डाक्टर चिंकी के अनुसार डेला की कोख मे पल रहा शिशु काफी नीचे आ चुका था। उसका मुंह बच्चेदानी के पास था। डिलीवरी से पहले बच्चे ने शौच भी कर दिया था। इससे उसके फेफड़ों का संक्रमण हो गया। हमने नार्मल डिलीवरी कर बच्चे को सुरक्षित निकाला और मशीन पर रखकर इंक्यूबेट किया, पर बचा नहीं सके। बच्चे का शव स्वजनों को सौंप दिया गया था। स्वजनों ने अमृतसर में ही दफन किया है। डा. चिंकी के अनुसार डेला पूर्व में दो बच्चों की मां है। उसकी दूसरी डिलीवरी आपरेशन से हुई थी। ऐसी स्थिति में अगली डिलीवरी आपरेशन के जरिए की जाती है, पर बच्चा काफी नीचे आ चुका था इसलिए हमें आपरेशन करना पड़ा।

एसएमओ डा. राजू चौहान ने कहा कि डेला व उसका पति टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। डेला की स्थिति देखते हुए हमने तत्काल गायनी व शिशु रोग विभाग के डाक्टरों को तैयार किया। डेला की प्रसव पीड़ा काफी एडवांस स्तर पर थी। यदि समय रहते उसे यहां लाया जाता तो बच्चे को बचाया जा सकता था। डेला की हालत ठीक है। अगले 48 घंटों में उसे यहां से छुट्टी दी जाएगी।

बच्चे का नाम बार्डर रखा गया था

2 दिसंबर 2021 को एक पाकिस्तानी महिला ने निम्बो बाई अटारी सीमा के पास बच्चे को जन्म दिया था। बच्चे का नाम बार्डर रखा गया था। यह पाकिस्तानी दंपति 97 अन्य पाकिस्तानी नागरिक के साथ 71 दिनों से अटारी सीमा पर रहा था। इसलिए दौरान 2 दिसंबर को निम्बो को प्रसव पीड़ा हुइ्र थी। अटारी गांव की महिलाओं ने निम्बो की डिलीवरी की थी। इस दौरान उसने बेटे को जन्म दिया था। बच्चे का जन्म भारत में होने की वजह से पाकिस्तान उसे अपना नागरिक बनाने को तैयार न था। ऐसे में पंजाब सरकार ने नवजात का जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर उसमें पाकिस्तान का पता दर्ज किया था। तब जाकर नवजात को पाकिस्तान ले जाया जा सका था।

Edited By: Nidhi Vinodiya

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