विपिन कुमार राणा, अमृतसर

नगर निगम की ओर से अवैध निर्माणों को लेकर लंबा-चौड़ा ज्ञान तो बांटा जा रहा है, पर कार्रवाई को लेकर कोई गंभीर नहीं है। एमटीपी विभाग की ढीली कार्यप्रणाली ही कहेंगे कि आखिर कमिश्नर सोनाली गिरि को खुद दो बार अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के लिए निकलना पड़ा। एमटीपी विभाग के लचीले रवैये की पोल ही सुर्कलर रोड पर हाउस लेन में हुआ बहुमंजिला निर्माण खोल रहा है। दिसंबर 2017 में अवैध निर्माण को गिराने का फाइनल नोटिस दिए जाने के बावजूद अभी तक खड़ा निर्माण सिस्टम को खुद मुंह चिढ़ा रहा है।

मेडिकल इंक्लेव वासी भू¨पदर ¨सह ने निगम कमिश्नर को शिकायत करते हुए उनके द्वारा पूर्व में जारी किए गए नोटिसों की उन्हें याद करवाई है और कार्रवाई करने को कहा है। 6 दिसंबर 2017 को एमटीपी विभाग द्वारा निर्माण गिराने के जारी किए गए फाइनल नोटिस में साफ कहा गया है कि निर्माणकर्ता द्वारा इस जगह पर सेंशन प्लान के विपरीत तीन मंजिला निर्माण किया गया है। इसके द्वारा नियमों के मुताबिक निर्माण न करने की वजह से ही आपको 7 मार्च 2017 को भी शोकॉज नोटिस जारी किया गया था, जिसका आपने कोई जवाब नहीं दिया।

15 फुट हाउस लेन में बहुमंजिला निर्माण

विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि सेंशन प्लान के मुताबिक निर्माणकर्ता द्वारा वहां पार्किंग के लिए जगह नहीं छोड़ी गई है। इसके अलावा 15 फुट हाउस लेन छोड़ा जाना लाजमी है, पर उन्होंने वहीं तीन मंजिला निर्माण खड़ा कर दिया है। इसके अलावा सेंशन प्लान से अधिक निर्माण भी कानून को ठेंगा दिखा रहा है। नोटिस में साफ है कि बि¨ल्डग बॉयलॉज के मुताबिक निर्माणकर्ता द्वारा किया गया अवैध निर्माण कम्पाउंड नहीं किया जा सकता।

तीन दिनों में गिराना था महीनों बीते

अवैध निर्माण गिराने का फाइनल नोटिस जारी करने और इस नोटिस के मिलने के तीन दिनों के भीतर निर्माणकर्ता द्वारा किया गया अवैध निर्माण गिराया जाना था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। 20 अप्रैल को कमिश्नर सोनाली गिरि ने खुद इसके रैंप पर डिच चलवाई थी, तब भी लिखित में आश्वासन दिया गया था कि दस दिनों में निर्माण गिरा लिया जाएगा, लेकिन इस बात को बीते भी चार महीने से ज्यादा का समय हो गया है। जुर्माना लगाया, पर वसूला नहीं

अवैध निर्माण करने वालों को नियमों के मुताबिक अंडर सेक्शन 269 व 270 के तहत जुर्माने का भी प्रावधान है। इसमें अवैध निर्माण करने वाले को अंडर सेक्शन 269 के तहत दो हजार रुपये और सौ रुपये प्रतिदिन व अंडर सेक्शन 270 के तहत दो हजार रुपये और सौ रुपये प्रतिदिन जुर्माना लिए जाने का प्रावधान है और यह जुर्माना नोटिस जारी होने से लिया जाना है, लेकिन अभी तक विभाग ने जुर्माना तक नहीं वसूला। कोट्स...

खुद न गिराया तो निगम करेगा एक्शन : एटीपी

सर्कुलर रोड पर 15 हाउस लेन में हुए अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया गया है और इस पर अप्रैल में कार्रवाई भी की गई है। तब भी उन्होंने लिखित में आश्वासन दिया था कि वह 10 दिनों में खुद ही निर्माण गिरा लेंगे, लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया। अगर उन्होंने खुद निर्माण न गिराया तो निगम एक्शन करेगा।

—कृष्णा, एरिया एटीपी

Posted By: Jagran