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पंजाब: उजड़ते परिवारों के दर्द के बीच अमृतसर के मकबूलपुरा पहुंचीं SDM, नशे के खिलाफ मांगा जनसहयोग

Published: Thu, 29 Oct 2026 11:52 AM (IST)

अमृतसर के मकबूलपुरा में नशे की समस्या ने कई परिवारों को उजाड़ दिया है, जिससे कई युवाओं की जान गई ...और पढ़ें

पंजाब: उजड़ते परिवारों के दर्द के बीच अमृतसर के मकबूलपुरा पहुंचीं SDM (जागरण फोटो)

पंजाब: उजड़ते परिवारों के दर्द के बीच अमृतसर के मकबूलपुरा पहुंचीं SDM (जागरण फोटो)

HighLights

  1. मकबूलपुरा में नशे से कई परिवार उजड़े, युवाओं की मौत

  2. एसडीएम ने 'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान में सहयोग मांगा

  3. नशा मुक्ति हेतु जनभागीदारी, उपचार पर प्रशासन का जोर

जागरण संवाददाता, अमृतसर। मकबूलपुरा में नशे की समस्या ने कई घरों की खुशियां छीन ली हैं। नशे की लत के कारण पति की मौत होने से कई महिलाओं के सिर से सुहाग का साया उठ चुका है, जबकि नशे की गिरफ्त में आए कई युवाओं की जिंदगी भी असमय खत्म हो गई।

पीछे रह गए बच्चों और महिलाओं के सामने जीवन चलाने की चुनौती है। कभी हंसते-खेलते परिवारों में पसरा यह सन्नाटा नशे के गंभीर सामाजिक दुष्परिणामों को बयां करता है। ऐसे में मकबूलपुरा को नशे के चंगुल से निकालना प्रशासन के साथ-साथ पूरे समाज के लिए बड़ी चुनौती है।

इसी चुनौती से निपटने के लिए एसडीएम अमृतसर-1 अलका कालिया ने पुलिस अधिकारियों के साथ नशे के हाटस्पाट मकबूलपुरा का दौरा किया। उन्होंने क्षेत्रवासियों से बातचीत कर पंजाब सरकार के 'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और नशे के खात्मे के लिए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

एसडीएम ने कहा कि नशा एक गंभीर सामाजिक बुराई है। इसे समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग का सहयोग जरूरी है। नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आम लोगों की सक्रिय भागीदारी भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पंजाब सरकार नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। इसके साथ ही नशे की लत में फंसे युवाओं को इससे बाहर निकालने के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त उपचार की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है।

एसडीएम ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की लत का शिकार है, तो उसे नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करें और उपचार के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में सहायता करें। यदि किसी व्यक्ति को इलाके में नशीले पदार्थों की तस्करी या बिक्री की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन या पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि लोगों के सामूहिक प्रयासों और प्रशासन के सहयोग से ही नशामुक्त समाज का निर्माण संभव है।