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अमृतसर के बांसावाला बाजार में दिनदहाड़े फायरिंग, बदमाशों ने नशे का विरोध कर रहे युवक को बनाया निशाना; 4 राउंड किए फायर

Published: Fri, 02 Oct 2026 12:10 PM (IST)

अमृतसर के बांसावाला बाजार में फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया, जहां पीड़ित परिवार ने जुआ और नशीले पदार्थों ...और पढ़ें

अमृतसर के बांसावाला बाजार में दिनदहाड़े फायरिंग (प्रतीकात्मक फोटो)

अमृतसर के बांसावाला बाजार में दिनदहाड़े फायरिंग (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. अमृतसर में फायरिंग, जुआ-नशे के विरोध पर हमले का आरोप

  2. पुलिस जांच में मंदिर अध्यक्षता, दुकान निर्माण विवाद मुख्य कारण

  3. सीसीटीवी फुटेज और जब्त वाहनों से दोषियों की पहचान जारी

जागरण संवाददाता, अमृतसर। अमृतसर के बांसावाला बाज़ार की गली नंबर 4 में अचानक फायरिंग की आवाज सुनकर हंगामा मच गया। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 के जरिए स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी गई। फायरिंग की खबर मिलते ही पुलिस टीम और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

मीडिया से बात करते हुए, पीड़ित परिवार की बुज़ुर्ग महिला और मौके पर मौजूद स्थानीय युवाओं ने आरोप लगाया कि इलाके में जुआ, सट्टा और गैर-कानूनी ड्रग्स की बिक्री लंबे समय से खुलेआम चल रही है।

उनका कहना है कि जब उन्होंने इन असामाजिक गतिविधियों और गली में शराब पीने का विरोध किया, तो करीब 10 लोगों ने उनके बेटों को घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने उन पर करीब 4 राउंड गोलियां चलाईं और दहशत का माहौल बनाते हुए मौके से भाग गए।

स्थानीय युवाओं ने दावा किया कि उन्होंने पहले भी कई बार पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दी थी। उनका आरोप है कि समय पर सख्त कार्रवाई न होने के कारण इन असामाजिक तत्वों की हिम्मत बढ़ती गई।

एक्टिवा और बाइक छोड़कर भागे

परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में कथित तौर पर जबरन दुकानें हटाने और कंस्ट्रक्शन के काम को लेकर विवाद बढ़ा। यह भी आरोप है कि बाहर से युवकों को बुलाकर उन पर हमला किया गया। बताया जा रहा है कि हमलावर अपनी एक्टिवा और मोटरसाइकिल छोड़कर मौके से भाग गए।

मामले के बारे में मीडिया से बात करते हुए पुलिस अधिकारी ने कहा कि 112 पर मिली सूचना के आधार पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में किसी के घायल होने, गोली लगने या किसी धारदार हथियार से घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस की जांच जारी

पुलिस अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया है और उनके डिटेल्ड बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्रभावित परिवार से कहा गया है कि अगर मौके से कोई खाली कारतूस या दूसरे सबूत मिलते हैं तो वे जांच टीम के सामने पेश करें।

पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में मंदिर अध्यक्ष का चुनाव, आपसी झगड़ा और मंदिर की जमीन पर दुकानें बनाने को लेकर पुरानी आपसी रंजिश सामने आ रही है। इसके साथ ही मंदिर ट्रस्ट और प्रॉपर्टी से जुड़े कानूनी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि थाने के रिकॉर्ड में जुआ या सट्टे से जुड़ी कोई पिछली लिखित शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, अब लगाए गए सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जाएगी।

इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी जा रही है, ताकि घटना में शामिल लोगों की पहचान हो सके। मौके पर छोड़ी गई गाड़ियों को ज़ब्त करके उनके मालिकों के बारे में जानकारी इकट्ठा की जा रही है।

पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि शहर की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और गुंडागर्दी करने वाले किसी भी शरारती तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। जांच में तथ्य कन्फर्म होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।