यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Amritsar NRI Firing: 'सुखचैन सिंह पर जानलेवा हमला झूठा', आखिर तीन घंटे तक गांव में क्यों नहीं घुस पाई पुलिस?
Amritsar Firing हमले में घायल सुखचैन सिंह की पहली पत्नी राजविंदर कौर ने दो साल पहले आत्महत्या कर ली थी ...और पढ़ें

HighLights
- हरभजन कौर के बयान पर मामला दर्ज।
- ग्रामीणों ने मामले को झूठा बताकर पुलिस का किया विरोध।
- पुलिस और ग्रामीणों के बीच कशमकश चलती रही।
संवाद सहयोगी, टांडा उड़मुड़। अमृतसर में शनिवार सुबह एनआरआई के घर में घुसकर गोली चलाने की घटना में गांव बैंस अवान के एक व्यक्ति को हिरासत में लेने आई पुलिस को ग्रामीणों के तीन घंटे विरोध का सामना करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर अपने साथ गई।
अमृतसर पुलिस ने गोली लगने से घायल हुए सुखचैन सिंह के पहले ससुराल परिवार के सदस्यों ससुर स्वर्ण सिंह, सास शांति, अमरीका रहते साले सुखविंदर सिंह, साली रानी, सांडू सुखबीर सिंह और दोनों हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
स्वर्ण सिंह को पूछताछ के लिए ले गई पुलिस
सुखचैन सिंह की मां हरभजन कौर के बयान के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया है। दोपहर तीन बजे जब मकबूलपुरा थाने की पुलिस टीम ने एएसआई राम पाल के नेतृत्व में टांडा के बैंस अवान गांव में रहने वाले स्वर्ण सिंह और शांति की गिरफ्तारी के लिए आई तो परिवार और ग्रामीणों ने मामले को झूठा बताकर पुलिस टीम का विरोध करना शुरू कर दिया।
शाम साढ़े छह बजे तक पुलिस और ग्रामीणों के बीच कशमकश चलती रही। इसके बाद मौके पर पहुंचे डीएसपी दविंदर सिंह बाजवा ने परिवार को न्याय और उचित जांच का आश्वासन देकर ग्रामीणों को समझाया। इसके बाद पुलिस टीम महिला शांति को छोड़कर उसके पति स्वर्ण सिंह को पूछताछ के लिए साथ लेकर अमृतसर के लिए रवाना हो गई।
दो साल पहले आत्महत्या कर ली थी पहली पत्नी
गौरतलब है कि हमले में घायल सुखचैन सिंह की पहली पत्नी राजविंदर कौर ने दो साल पहले आत्महत्या कर ली थी और उसके ससुराल वालों के खिलाफ उसे मरने के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया गया था और मामला अदालत में चल रहा है।
एक माह पहले सुखचैन सिंह अमेरिका से लौटा था। आज की घटना के बाद उनके परिवार ने आरोप लगाया कि यह हमला उनके बेटे की पहली सास ससुर और विदेश में रहने वाले अन्य आरोपियों ने किया है। फिलहाल, बैंस अवान गांव का परिवार इस मामले में खुद को बेकसूर बता रहा है।
