अखिलेश ¨सह यादव, अमृतसर

शिक्षा विभाग ने अमृतसर के जिला शिक्षा अधिकारी एलिमेंट्री पद पर तैनात रहे शिशुपाल कौशल को चार्जशीट कर दिया है। विभाग द्वारा हैड टीचरों तथा सेंटर हैड टीचरों की पदोन्नतियों में हुई धांधली संबंधी शिशुपाल कौशल पर 11 आरोप तय किए हैं। विभाग ने अधिकारी को 21 दिनों में चार्जशीट में लगाए आरोपों का विस्तारपूर्वक जवाब देने को कहा है। फिलहाल शिशुपाल कौशल गुरदासपुर के रियाली कलां सरकारी सीसे स्कूल में ¨प्रसिपल तैनात हैं।

विभाग के विशेष सचिव द्वारा जारी चार्जशीट में कहा गया है कि वर्ष 2018 में हेड टीचरों तथा सेंटर हैड टीचरों की पदोन्नतियों करने से पहले वरिष्ठता सूची को नियमों अनुसार योग्य विधि के तहत फाइनल नहीं किया गया था। न ही वरिष्ठता सूची संबंधी किसी टीचर को नोट करवाया गया था। इसके साथ ही सरकारी एलिमेंट्री स्कूल हाथी गेट ब्लाक अमृतसर-5 के एक अध्यापक की अ-1/2018/657-58 तिथि 30-1-2018 के अनुसार पदोन्नति करके संबंधित टीचर की तरक्की बिना केस की जांच किए तिथि 17 अप्रैल 2015 से कर दी गई। यह पदोन्नति किस पद के विरुद्ध की गई है, यह स्पष्ट नहीं किया गया तथा न ही इस पदोन्नति का कारण किसी जूनियर टीचर पर की गई। न ही संबंधित अध्यापक को बनते लाभ जारी करवाए गए।

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि शिशुपाल कौशल द्वारा बिना रोस्टर प्वाइंटों के तथा बिना 1982-2011 तक के रोस्टर रजिस्टर के टीचर से हेड टीचर तथा हेड टीचर से सैंटर हैड टीचर को पदोन्नतियां की गई। इन पदोन्नतियों तथा कर्मचारियों की वरिष्ठता संबंधी ऐतराज का निपटारा नियमों अनुसार योग्य विधि अपना कर नहीं किया गया। इन पदोन्नति से संबंधित रोस्टर रजिस्टर सरकार द्वारा समय-समय पर जारी की गई हिदायते/नियमों अनुसार मेंटेंन नहीं किया गया तथा न ही भलाई विभाग से रोस्टर नुक्ते स्पष्ट करवाकर बैक लॉक निकलवाया गया।

हेड टीचरों का पदोन्नतियों संबंधी भी खामी दर्ज की गयी। विभाग ने पत्र में बताया है कि हैड टीचरों तथा सैंटर हैड टीचरों की पदोन्नतियों नियमों अनुसार ठीक नहीं की गई है। गठित कमेटी ने नियमों अनुसार संबंधित मैंबर नहीं लिए गए। आदेश नंबर अ/1 पदोन्नति सी.एच.टी./2018/2113-30 तिथि 11-01-2018 अनुसार 23 हैड टीचरों की पदोन्नति के बाद स्टेशन अलाट कर दिए गए हैं। इन आदेशों में स्पष्ट नहीं किया गया कि कौन से आरक्षित/अंगहीन वर्ग के कर्मचारियों की तरक्की कौन से नुक्तों के विरुद्ध की गई है तथा न ही कर्मचारियों की कैटागिरी दर्ज की गई है।

वरिष्ठता सूची में भी गलत नंबर अलाट किए गए हैं। इसके इलावा राजपाल ¨सह क्लर्क, बीपीओ. अजनाला-1 द्वारा जिला शिक्षा कार्यालय एलीमैंटरी अमृतसर में बिना कोई लिखित आदेश जारी करवाए कोई दफ्तरी कार्य करवाया जाता रहा। विभाग के पत्र के अनुसार विभिन्न अध्यापकों तथा हैड टीचरों द्वारा लगाए गए आरोपों संबंधी शिशुपाल द्वारा कोई भी रिकार्ड विभाग को पेश नहीं किया गया। विभाग के सचिव ने स्पष्ट किया है कि पंजाब सिविल सेवाएं (सजा/अपील) नियमोनुसार 1970 के नियम 8 अधीन कार्रवाई करने तथा नियम 5 के अधीन दर्ज सजाओं में किसी एक सजा का शिशुपाल को भागीदार बनाया गया है। पहले भी इस मामले की हो चुकी है जांच

उक्त मामले संबंधी अधिकारी को चार्जशीट करने से पहले शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर तथा जांच कमेटी के चेयरमैन जगतार ¨सह के नेतृत्व में एक विशेष टीम भी गठित की थी जिसमें संबंधित अध्यापकों तथा शिकायतकर्ता प्रताप ¨सह पुत्र सविन्द्र ¨सह निवासी जेठूवाल ने पेश होकर शिशुपाल कौशल के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए थे। पदोन्नतियां पारदर्शी व नियमों के अनुसार कीं : शिशुपाल

इस संबंधी जब शिशुपाल कौशल से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें भी पता लगा है कि उन्हें चार्जशीट किया गया है परन्तु अभी तक कोई सरकार का पत्र उन्हें नहीं मिला है। कौशल ने कहा कि उन्होंने पदोन्नति पारदर्शी व नियमों के अनुसार की गयी थी। पदोन्नतियों में बकायदा तौर पर अध्यापक संगठनों से भी विचार विमर्श किया गया था। कुछ व्यक्ति जानबूझकर उन्हें बदनाम करना चाहते है। इसी कारण वह जिला शिक्षा अधिकारी एलिमेंट्री के पद से हटे हैं।

Posted By: Jagran