संवाद सहयोगी, अमृतसर

शिक्षा व पर्यावरण मंत्री ओम प्रकाश सोनी ने कहा है कि अध्यापक समाज के मार्गदर्शक हैं। इसलिए समाज को मजबूत करने में अध्यापक अपना योगदान दें। किसी भी देश की रीढ़ अध्यापक होता है। देश का भविष्य अध्यापकों पर ही निर्भर करता है। समाज में अध्यापक का पेशा सम्मानीय दृष्टि से देखा जाता है।

ओम प्रकाश सोनी शनिवार को सहोदया स्कूल कांपलेक्स अमृतसर, तरनतारन व गुरदासपुर द्वारा डीएवी पब्लिक स्कूल में संयुक्त रूप से टीचर्स- डे के उपलक्ष्य में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। सोनी ने कहा कि अध्यापक अपने प्रोफेशन से न्याय करें और ईमानदारी से बच्चों को पढ़ाएं। आज के अध्यापकों पर बच्चों को सही दिशा-निर्देश देने की एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों को मुखातिब होकर कहा कि वह अपने स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाएं।

सोनी ने सम्मान समारोह में पांच ¨प्रसिपलों व 127 अध्यापकों को सहोदया स्कूल कांपलेक्स की ओर से सम्मानित किया। न्यायाधीश लख¨वदर ¨सह भी समारोह में विशिष्ट मेहमान के रूप में उपस्थित थे। इस मौके पर ¨प्रसिपल डा. धर्मवीर ¨सह, प्रधानाचार्या अनीता भल्ला, अंजना गुप्ता, राजीव शर्मा, विजय मेहरा, विनोदिता सांख्यान, उर¨मदर कौर, संगीता ¨सह मौजूद थे।

इससे पूर्व सोनी ने कार्यक्रम का आगाज ज्ञान दीप जला कर किया गया। पवित्रता और स्वास्थ्य का प्रतीक हरा पौधा सभी मेहमानों को भेंट स्वरूप दिया। स्कूल के छात्रों ने अध्यापकों के लिए गुरु वंदना पेश की।

सहोदया स्कूल्•ा कांप्लेक्स के प्रधान डॉ. धर्मवीर ¨सह व उनकी टीम ने ओम प्रकाश सोनी व अन्य मेहमानों को सम्मानित किया। इस मौके पर ¨प्रसिपल नीरा शर्मा ने आए हुए मेहमानों का हार्दिक अभिनंदन किया।

अध्यापकों को नसीहत, पढ़ाने में कोताही न बरतें

इस दौरान सोनी ने सरकारी स्कूलों के अध्यापकों को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि वे बच्चों को पढ़ाने में कोताही न बरतें। उनकी जायज मांगें मान ली गयी हैं। ईमानदारी से बच्चों को पढ़ाएं। अध्यापकों बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न करे। धरना प्रदर्शन करना व अपनी बात करने का सभी को लोकतंत्र में अधिकार है। लेकिन स्कूल टाइम में धरना प्रदर्शन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Posted By: Jagran