अमृतसर में 11वीं की छात्रा ने की आत्महत्या, टीचर्स पर लगा भद्दे कमेंट्स और मानसिक उत्पीड़न का आरोप
अमृतसर के सारागढ़ी मेमोरियल स्कूल की 11वीं कक्षा की छात्रा कोमल ने शिक्षकों द्वारा मानसिक उत्पीड़न के आरोपों के बाद आत्महत्या कर ली।
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अमृतसर के स्कूल ऑफ एमिनेंस में क्लास 11 की स्टूडेंट ने किया सुसाइड।
HighLights
अमृतसर में 11वीं की छात्रा कोमल ने की आत्महत्या
परिवार ने शिक्षकों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया
स्कूल गेट पर प्रदर्शन, सख्त कार्रवाई की मांग
जागरण संवाददाता, अमृतसर। अमृतसर के मॉल मंडी/टाउन हॉल में मौजूद सारागढ़ी मेमोरियल स्कूल ऑफ एमिनेंस से एक बहुत ही दुखद और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली कोमल नाम की स्टूडेंट ने अपने घर में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। स्टूडेंट की मौत के बाद परिवार वालों और उसके क्लासमेट्स में भारी कोहराम मच गया।
गुस्साए परिजनों और आस-पास के लोगों ने स्कूल के मेन गेट पर विरोध प्रदर्शन किया और संबंधित स्कूल स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मृतक की बहन लक्ष्मी ने बात करते हुए स्कूल के टीचर्स पर बहुत गंभीर आरोप लगाए। लक्ष्मी के मुताबिक, स्कूल की टीचर्स सिमी बेदी और मनीषा मैडम लगातार कोमल और उसकी सहेलियों को मेंटली परेशान कर रही थीं।
टीचर्स पर भद्दे कमेंट्स करने का लगा आरोप
परिवार ने आरोप लगाया कि एक छोटी सी बात पर हुए झगड़े के बाद, टीचर्स ने कथित तौर पर स्टूडेंट्स के कैरेक्टर पर अपमानजनक और भद्दे कमेंट्स किए। परिवार वालों ने आरोप लगाया कि टीचर्स स्टूडेंट्स को ताना मारते थे और कहते थे, 'तुम स्कूल में बिजनेस करने आती हो, आज शादी करोगी और कल तलाक ले लोगी।'
इसके अलावा, परिवार का आरोप है कि कोमल को एनसीसी एक्टिविटीज से हटा दिया गया था और सस्पेंशन/रस्टिकेशन की धमकी देकर एक महीने के लिए स्कूल से निकाल दिया गया था। मृतक की दोस्त और क्लासमेट मीनाक्षी ने भी रोते हुए अपनी कहानी शेयर की।
मीनाक्षी ने कहा कि स्टूडेंट्स के बीच मामूली बहस और धक्का-मुक्की हुई थी। इसके बाद, टीचर्स ने कथित तौर पर मामले को पूरी तरह समझे बिना उन्हें बेइज्जत किया। मीनाक्षी के मुताबिक, जब स्टूडेंट्स एग्जाम देने स्कूल पहुंचे, तो उनसे पूछा गया कि उन्हें अंदर किसने बुलाया है।
मीनाक्षी का आरोप है कि टीचर्स की कड़वी और बेइज्जती वाली बातों का कोमल के दिल पर गहरा असर हुआ। परिवार वालों और क्लासमेट्स के मुताबिक, कोमल पंजाब पुलिस में ऑफिसर बनने का सपना देखती थी। परिवार का आरोप है कि स्कूल में हुई घटना के बाद से वह मेंटली परेशान थी और घर लौटने के बाद उसने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया।
पुलिस पर लगा आवाज दबाने की कोशिश करने का आरोप
विरोध कर रहे परिवार वालों का आरोप है कि वे गरीब और माइग्रेंट बैकग्राउंड से हैं, जिसकी वजह से स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन और पुलिस उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। परिवार वालों ने मांग की कि जब तक कथित टीचर्स और प्रिंसिपल के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया जाता और उन्हें अरेस्ट नहीं किया जाता, वे स्कूल के सामने से नहीं हटेंगे।
उन्होंने जरूरत पड़ने पर मेन रोड ब्लॉक करने की भी चेतावनी दी। मौके पर पहुंचे पुलिस स्टेशन इंचार्ज (थाना प्रभारी) नवदीप सिंह ने हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मृतक की बॉडी का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिवार को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में स्कूल प्रिंसिपल से भी बात की जा रही है।
पुलिस ने परिवार वालों और गवाहों के बयान दर्ज करने का काम शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान जो भी बातें सामने आएंगी, उनके आधार पर टीचरों और दूसरे संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
