विपिन कुमार राणा, अमृतसर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन-2019 को लेकर गुरुनगरी में संकट के बादल बने हुए हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी और भाजपा जिला इकाई में बने हुए गुटबंदी के हालात कुछ ऐसा ही संकेत दे रहे र्ह। विडंबना तो यह है कि जिला प्रधान की घोषणा के 45 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक जिला कार्यकारिणी ही घोषित न हो पाना भी अपने आप में सवाल खड़े कर रहा है। जिले में दो महासचिव, 6 उपाध्यक्ष, 6 सचिव और 1 वित्त सचिव के पदों के लिए नेताओं में घमासान मचा हुआ है।

नई कार्यकारिणी में एक बात साफ दिखाई दे रही है कि जो जितना बड़ा जोशी विरोधी होगा, उसे उतना ही बड़ा ओहदा मिलेगा। इसके विपरीत यह बात भी स्पष्ट है कि कार्यकारिणी के घोषणा के बाद जिन नेताओं को इसमें जगह नहीं मिलेगी, उनका जोशी के साथ जाना तय है और इससे जोशी का कुंभा भी बढ़ेगा। 26 अगस्त को पूर्व कैबिनेट मंत्री जोशी द्वारा करवाए गए मिलन समारोह के बाद एक दूसरे पर लांछन लग रहे हैं और भाजपा के वाट्सएप ग्रुप इससे भरे हुए हैं। समारोह में जिस तरह से जोशी को भाजपा के रूष्ठों का साथ मिला, वह भी नए राजनीतिक समीकरणों के लिए काफी है। हालांकि जोशी स्पष्ट कर चुके हैं कि उनका प्रोग्राम पार्टी विरोधी नहीं है, वह खुद भाजपा के सिपाही हैं। गुटबंदी पर नकेल कसने के लिए भी एकाएक 20 जुलाई को देर रात आनंद शर्मा को प्रधान नियुक्त कर दिया गया था और 29 जुलाई को उन्होंने एकजुटता की हुंकार भरते हुए प्रधान का पद संभाला। लेकिन दुखद पहलु यह है कि अभी तक वह अपनी टीम ही नहीं बना पाए हैं। इससे उनकी की कार्यकुशलता पर सवाल उठने लगे हैं। कार्यकारिणी में पदों के चाहवान नेता नेता अपने-अपने आकाओं के जरिये दबाव बनाने में जुटे हुए हैं। इतना ही नहीं होर्डिंग बोर्डों व वाट्सएप पोस्टों के जरिये भी अपने आकाओं की खुशामद कर रहे हैं। 14 पदों के लिए नेताओं की लंबी लिस्ट

महासचिव के अहम दो पदों के लिए अनुज सिक्का, पप्पू महाजन, राजेश कंधारी, डॉ. राम चावला, राजकुमार जूडो, अविनाश शैला, सरबजीत शंटी, जरनैल ढोट आदि जहां मैदान में हैं, वहीं उपाध्यक्ष व सचिव पद की दौड़ में नरेंद्र शेखर लूथरा, संजीव खोसला, कुमार अमित, डॉ. राकेश शर्मा, ज्योति बाला, कपिल शर्मा, अमरीश कपूरिया, सुशील देवगन, दीपक सहगल, नरेंद्र कोहली, जो¨गदर वाही, पवन खन्ना, अनुज भंडारी के नाम चर्चा में हैं। इसके अलावा महासचिव की दौड़ से निकलने वाले भी इन पदों पर एडजस्ट होंगे। वित्त सचिव के पद के लिए विधु पुरी का नाम लगभग फाइनल है। मोर्चो को लेकर भी कशमकश बरकरार

भाजपा के मोर्चों में भी प्रधानगी को लेकर कशकमश जारी है। 20 जुलाई को युवा मोर्चा के प्रधान के तौर पर गौतम अरोड़ा की नियुक्त तो कर दी गई, लेकिन अनुसूचित जाति मोर्चा और महिला मोर्चा के प्रधानों व उनकी कार्यकारिणी की घोषणा अभी भी पें¨डग है। अनुसूचित जाति मोर्चे की प्रधानगी के लिए पार्षद द¨वदर पहलवान, संजीव ¨हदोस्तानी, महिला मोर्चा की प्रधानगी के लिए मीनू सहगल व अलका शर्मा के नामों पर जहां प्रमुखता से चर्चा चल रही है, वहीं अन्य विकल्पों पर भी नजर दौड़ाई जा रही है। ये नेता इस्तीफा दे जोशी खेमे में

—21 जून : केंद्रीय विधानसभा हलके के मंडल प्रधानों प्रदीप सरीन, रा¨जदर शर्मा और तल¨वदर बिल्ला के इस्तीफों के बाद भाजपा में घमासान शुरू हुआ।

—14 जुलाई : पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हर्ष खन्ना ने इस्तीफा दिया।

—16 जुलाई : सिविल मंडल के प्रधान श्याम सुंदर उपेक्षा के आरोप लगाते हुए त्यागपत्र दे दिया।

—17 जुलाई : कश्मीर रोड मंडल के प्रधान सुशील शर्मा और रणजीत एवेन्यू मंडल के प्रधान अमनदीप चंदी ने पदों से इस्तीफा दिए।

—20 जुलाई को केंद्रीय व उत्तरी हलकों से उठी भाजपाई इस्तीफों की आग छेहर्टा मंडल तक पहुंची और मंडल प्रधान मंजीत ¨सह ¨मटा सहित उनकी पूरी टीम ने इस्तीफे दे दिए।

—20 जुलाई : इस्तीफा का दौर देखते हुए भाजपा प्रदेश हाईकमान ने देर रात अमृतसर यूनिट भंग कर दिया और आनंद शर्मा को प्रधान घोषित कर दिया। खास बात यह है कि पार्टी नेतृत्व से रूष्ठ यह सभी नेता जोशी के शरण में हैं।

कोट्स...

जल्द होगी कार्यकारिणी की घोषणा : शर्मा

लगातार पार्टी के प्रोग्रामों में हाईकमान व स्थानीय लीडरशिप की व्यस्तता के कारण कार्यकारिणी की घोषणा में थोड़ी देरी हुई है। जल्द ही कार्यकारिणी की घोषणा होगी। पार्टी में किसी भी प्रकार की कोई गुटबंदी नहीं है ओर सबको साथ लेकर चला जाएगा।

—आनंद शर्मा, प्रधान जिला भाजपा

Posted By: Jagran